युद्ध

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  • सूच्याग्रं नैव दास्यामि बिना युद्धेन केशव ।
हे कृष्ण , बिना युद्ध के सूई के नोक के बराबर भी ( जमीन ) नहीं दूँगा ।— दुर्योधन , महाभारत में
  • सर्वविनाश ही, सह-अस्तित्व का एकमात्र विकल्प है।— पं. जवाहरलाल नेहरू
  • प्रागेव विग्रहो न विधिः । — पंचतन्त्र
पहले ही ( बिना साम, दान , दण्ड का सहारा लिये ही ) युद्ध करना कोई (अच्छा) तरीका नहीं है ।
  • यदि शान्ति पाना चाहते हो , तो लोकप्रियता से बचो।— अब्राहम लिंकन
  • शांति , प्रगति के लिये आवश्यक है।— डा॰राजेन्द्र प्रसाद
  • शाश्वत शान्ति की प्राप्ति के लिए शान्ति की इच्छा नहीं बल्कि आवश्यक है इच्छाओं की शान्ति ।–स्वामी ज्ञानानन्द

इन्हें भी देखें[सम्पादन]