सामग्री पर जाएँ

अब्राहम लिंकन

विकिसूक्ति से
अब्राहम लिंकन

अब्राहम लिंकन (१२ फरवरी १८०९ - १५ अप्रैल १८६५) मार्च १८६१ से अप्रैल १८६५ में उनकी हत्या तक संयुक्त राज्य अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति रहे।

उक्तियाँ[सम्पादन]

  • अंत में यह मायने नहीं रखता कि आपके पास जीवन में कितने साल बचे हैं बल्कि उन बचे हुए सालों में कितना जीवन बचा है, यह मायने रखता है।
  • अगर आप एक बार अपने नागरिकों (जनता) का भरोसा तोड़ देते हैं, तो आप फिर कभी उनका सम्मान और आदर नहीं पा सकेंगे।
  • अगर आप किसी भी व्यक्ति के अंदर बुराई खोजने की इच्छा रखते हैं तो आपको ज़रुर मिल जाएँगीं।
  • किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छः घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा।
  • अगर आप शांति चाहते हैं तो लोकप्रियता से बचिए।
  • अगर आपको कोई महत्व नहीं देता है तो चिंता कीजिए पर महत्व प्राप्त करने के लिए कोशिश जारी रखिये।
  • अगर कुत्ते की पूँछ को पैर कहें, तो कुत्ते के कितने पैर हुए? चार। पूछ को पैर कहने से वो पैर नहीं हो जाती।
  • अगर कोई भी व्यक्ति किसी काम को बेहतरीन ढ़ग से कर सकता है, तो मैं कहूँगा उसे करने दे, उसे एक मौका दे ताकि वह स्वयं को साबित कर सके।
  • अगर पहले हम ये जान ले कि हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर पायेंगे।
  • अगर शांति चाहते हैं तो लोकप्रियता से बचिए।
  • अच्छी नियत से काम करने वालों के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है।
  • अधिकतर लोग उतने ही खुश होते है जितना की वो होना चाहते है।
  • अपने दुश्मनों को मिटाने का सबसे अच्छा और बेहतरीन तरीका यह है कि आप उन्हें अपना दोस्त बना लें।
  • अब जो कुछ लोग सफलता हासिल कर लेते हैं तो यह प्रमाण है कि आप भी सफल हो सकते हैं।
  • आज की जिम्मेदारियों को टाल करके कल आने वाले जिम्मेदारियों से आप नहीं बच सकते।
  • आप चाहे जो भी करना चाहें, उसमें बेहतर करें।
  • आप सभी लोगों को कुछ समय तक और कुछ लोगों को हर समय धोखा दे सकते हो लेकिन आप सभी लोगों को हर समय धोखा नहीं दे सकते।
  • आपका अधिक सम्बन्ध इस बात से नहीं है कि आप असफल हुए, बल्कि इस बात से कि आप अपनी असफलता से कितने संतुष्ट है।
  • आपका सच्चा मित्र वही है, जिसके शत्रु भी वही हैं जो आपके हैं।
  • इंतजार करने वालो को केवल प्राप्त होता है, जो मेहनत करने वाले छोड़ जाते है।
  • इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि सिर्फ आपका संकल्प ही आपकी सफलता के लिए मायने रखता है, कोई और चीज नहीं।
  • उस व्यक्ति को आलोचना करने का अधिकार है जो सहायता करने की भावना रखता है।
  • एक निपुण झूठा बनने के लिए किसी भी आदमी के पास उतनी अच्छी याद्दाश्त नहीं है।
  • एक नौजवान व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए उसे हर संभव तरीके से अपना विकास करना चाहिए, ऐसा कभी नहीं शक करना चाहिए कि कोई उसके रास्ते में रूकावट हो सकता है।
  • औरत ही एक मात्र प्राणी है जिससे मैं डरता हूँ, ये जानते हुए भी कि वो मुझे चोट नहीं पहुंचाएगी।
  • कठिनाई में तो कोई भी आपके पास खड़ा हो सकता है। लेकिन अगर आप किसी इंसान के चरित्र का स्वाद चखना चाहते हैं तो आप उसे अपनी सारी ताकत दे दीजिये।
  • कार्य की अधिकता से उकताने वाला व्यक्ति, कभी कोई बड़ा कार्य नहीं कर सकता ।
  • किताब इसीलिए बनाई जाती हैं कि वह दिखाती हैं कि इंसानी सोच इतनी भी नई नहीं है जितनी वह सोचता है।
  • किसी भी व्यक्ति के चरित्र और साहस का निर्माण आप उसके पहल और स्वतंत्रता को छीन कर नहीं कर सकते हैं।
  • कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को बिना उसकी अनुमति के नियंत्रित करने में सक्षम नहीं है।
  • कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं है, जिसके पास ईश्वरीय माँ है।
  • गलत करने के डर से ज्यादा आपको सही काम करने के लिए ज्यादा हिम्मत जुटानी पड़ती है।
  • जब आप अपने रस्सी के अंत तक पहुंचा जाते है, तो एक गांठ बनाओ और लटकाओ।
  • जब मैं अच्छा करता हूँ, मुझे अच्छा लगता है। जब मैं बुरा करता हूँ, तो मुझे बुरा लगता है। यही मेरा धर्म है।
  • जिस तरह मैं एक गुलाम नहीं बनना चाहता, उसी प्रकार मैं किसी गुलाम का मालिक भी नहीं बनाना चाहता। मेरी यह सोंच लोकतंत्र के सिंद्धांत को दर्शाती है।
  • जीतना मेरे बस में नहीं है, लेकिन एक सच्चा इंसान बनना मेरे बस में है। सफलता पाना मेरे बस में नहीं है, लेकिन मेरे पास जो क्षमता है उसके साथ प्रयास करना और जीना मेरे बस में है।
  • जैसा की हमारी परिस्थितिया नयी हैं, हमें विचार करना चाहिए और तरीके से कम करना चाहिए।
  • जो चीजें मैं जानना चाहता हूँ वो पुस्तको में हैं। वो व्यक्ति मेरा परम मित्र है जो मुझे वो पुस्तक देगा, जो मैंने पढ़ी नहीं है।
  • तुम जो भी हो, नेक बनो।
  • पक्का कर लीजिए, आश्वस्त हो जाइये की आपके पैर सही जगह पर है। फिर डट कर खड़े रहिये।
  • प्रजातंत्र लोगों की, लोगों के द्वारा, और लोगों के लिए बनायीं गयी सरकार है।
  • भविष्य के बारे में सबसे बढ़िया बात यह है कि यह एक बार में एक दिन के रूप में आता है।
  • मतपत्र बन्दूक की बुलेट की तुलना में अधिक शक्तिशाली है।
  • मित्र वो है जिसके शत्रु वही हैं जो आपके शत्रु हैं।
  • मुझे जो व्यक्ति पसन्द नहीं है मुझे उसके बारे में और अधिक जानना चाहिए।
  • मुसीबत में सभी लोग समान होता है, व्यक्ति का असली चरित्र उसको शक्ति मिलने के बाद उजागर होता है।
  • मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कड़ी सजा की तुलना में दया ज्यादा फलदायक सिद्ध होती है।
  • मेरी चिन्ता ये नहीं है कि भगवान मेरे साथ है या नहीं। मेरी चिन्ता ये है कि मै भगवान के साथ हूं या नहीं। क्योंकि भगवान हमेशा सही होता है।
  • मेहनत हमेशा धन से पहले और धन से स्वतंत्र है। धन में मेहनत का सिर्फ एकमात्र फल है, और अगर मेहनत नहीं की जाती तो ये कभी अस्तित्व में नहीं आता। मेहनत धन से बड़ी है और उससे ज्यादा महत्व रखती है।
  • मैं धीमी गति से चलता जरूर हूँ, लेकिन कभी पीछे वापस नहीं आता।
  • मैं जीतने के लिए प्रतिबद्ध नहीं हूँ लेकिन मैं सही और सच्चे होने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।
  • मैं जो भी हूँ, या होने की आशा करता हूँ, उसका श्रेय मेरी माँ को जाता है।
  • मैं नहीं जानता मेरे दादाजी कौन थे; मेरा सारा ध्यान यह जानने में है की उनका पोता क्या और कैसा होगा।
  • मैं हमेशा इस तरह याद किया जाना पसंद करूँगा कि जहाँ भी मुझे लगा कि यहाँ फूल लगाये जा सकते हैं, मैंने हमेशा झाड़ियों और कांटेदार पौधों को हटा वहां फूलों को लगाने का काम किया।
  • यदि आप एक बार अपने नागरिकों का भरोसा तोड़ दें, तो आप फिर कभी उनका सत्कार और सम्मान नहीं पा सकेंगे।
  • वह जो सब्र करता है उसे चीजें मिल सकती हैं, परन्तु जो जल्दबाजी करता है उससे चीजें छूट जाती हैं।
  • व्यक्ति का चरित्र एक वृक्ष है और उसका मान-सम्मान एक छाया। लेकिन ये कितने दुःख का विषय है कि हम हमेशा छाया की सोचते हैं, लेकिन असलियत तो वृक्ष ही है।
  • व्यक्ति की कार्यविधि कुछ सीमा तक परिवर्तित हो सकती है, परन्तु उसकी प्रकृति परिवर्तित नहीं हो सकती।
  • शत्रुओं को मित्र बना कर क्या मैं उन्हें नष्ट नहीं कर रहा?
  • शांत रहने और मुर्खो की तरह सोचने से अच्छा है कि आप पूछो और सारे संदेहो को दूर कर लो।
  • सदैव ख्याल रखिए कि आपके सफल होने का संकल्प अन्य दूसरे संकल्पों से बहुत जरूरी है।
  • सफलता का रहस्य तैयारी है।
  • सहायता करने वाले दिलों को आलोचना करने का भी अधिकार है।
  • साधारण दिखाई देने वाले लोग, विश्व के सबसे अच्छे लोग होते हैं और यही कारण है कि भगवान ऐसे लोगों को बड़ी संख्या में पृथ्वी पर लाते हैं।
  • सार्वजानिक भावना के साथ कुछ भी विफल नहीं हो सकता, इसके बिना कुछ भी सफल नहीं हो सकता।
  • हमेशा अपने दिमाग में यह बात बैठाकर रखे की सफलता के प्रति आपका अपना दृष्टिकोण सबसे महत्त्वपर्ण है बजाय दूसरों के।
  • हमेशा यह ध्यान में रखिये कि आपके द्वारा सफल होने का लिया गया संकल्प आपके किसी भी अन्य संकल्प से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

अब्राहम लिंकन का अपने पुत्र के शिक्षक को लिखा ऐतिहासिक पत्र[सम्पादन]

प्रिय शिक्षक,
मेरा बेटा आज से स्कूल की शुरुआत कर रहा है. कुछ समय तक उसके लिए यह सब अजीब और नया होने वाला है और मेरी इच्छा है कि आप उसके साथ बहुत नरमी से पेश आएं. यह एक साहसिक कार्य है. मुमकिन है यह एक दिन उसे महाद्वीपों के पार ले जाए. जीवन के वह सारे रोमांच, जिसमें शायद युद्ध, त्रासदी और दुख भी शामिल हों. इस जीवन को जीने के लिए उसे विश्वास, प्रेम और साहस की जरूरत होगी।
तो प्रिय शिक्षक, क्या आप उसका हाथ पकड़कर उसे वह सब सिखाएंगे, जो उसे जानना होगा, जो उसे सीखना होगा. लेकिन थोड़ा नर्मी से, मुहब्‍बत से. अगर आप यह कर सकते हैं तो. उसे सिखाएं कि हर दुश्मन के साथ एक दोस्त भी होता है. उसे सीखना होगा कि संसार में सभी मनुष्य न्याय के साथ नहीं होते, कि सभी मनुष्य सच्चे नहीं होते. लेकिन उसे यह भी सिखाएं कि जहां दुनिया में बुरे लोग हैं, वहीं एक अच्‍छा हीरो भी होता है. जहां कुटिल नेता हैं, वहीं एक सच्‍चा समर्पित लीडर भी होता है।
यदि आप कर सकते हैं तो उसे सिखाएं कि अपनी मेहनत से कमाए गए 10 सेंट का मूल्य मिले बेगार में मिले एक डॉलर से कहीं ज्‍यादा है. उसे सिखाएं कि स्कूल में चीटिंग करके पास होने से कहीं ज्‍यादा सम्‍माननीय है फेल हो जाना. उसे सिखाएं कि कैसे शालीनता से हार को स्‍वीकार करना है और जब जीत हासिल हो तो कैसे उसका आनंद लेना है।
उसे सिखाएं मनुष्‍यों के साथ नर्मी और कोमलता से पेश आना. उसे कठोर लोगों के साथ थोड़ा सख्‍त होना भी सिखाएं. यदि आप कर सकते हैं तो उसे ईर्ष्या से दूर रखें. उसे शांत, सरल और गहरी हँसी का रहस्य सिखाएं. यदि आप कर सकते हैं तो उसे सिखाएं कि जब वह दुख में हो कैसे मुस्‍कुराए. उसे सिखाएं कि आंसुओं में कोई शर्म की बात नहीं है. उसे सिखाएं कि असफलता में भी गौरव और सफलता में भी निराशा हो सकती है. उसे पागल सनकियों का उपहास करना सिखाएं।
यदि आप कर सकते हैं तो बताएं कि संसार की किताबों में कितने अनंत रहस्‍य छिपे हैं. लेकिन साथ ही उसे आकाश में पक्षियों, धूप में मधुमक्खियों और हरी पहाड़ी पर फूलों के रहस्यों के बारे में सोचने-विचारने का भी वक्‍त दें. उसे अपने विचारों में विश्वास करना सिखाएं, भले ही हर कोई उसे गलत क्‍यों न कह रहा हो।
मेरे बेटे को यह शक्ति देने की कोशिश करें कि जब सब लोग एक दिशा में जा रहे हों तो वह भीड़ के पीछे न चले. उसे सिखाएं कि उसे हरेक की बात सुननी चाहिए. लेकिन साथ ही उसे यह भी सिखाएं कि वह जो कुछ भी सुन रहा है, पहले उसे सत्‍यता की छलनी से छाने और फिर जो अच्‍छा लगे, उसे ग्रहण करे।
उसे अपनी प्रतिभा और अपने दिमाग को सबसे ऊंचे दामों पर बेचना सिखाएं लेकिन यह भी सिखाएं कि वो कभी किसी भी कीमत पर अपने दिल और अपनी आत्मा का सौदा न करे. उसे अधीर हो सकने का साहस दें, लेकिन साथ ही उसे धैर्यवान होने की सीख भी दें. उसे सिखाएं कि हमेशा अपनी आत्‍मा की उदात्‍तता और गहराई में यकीन करे क्‍योंकि तभी वह मनुष्‍यता और ईश्‍वर की उदात्‍तता में भी यकीन कर पाएगा।
यह मेरा आदेश है प्रिय शिक्षक, लेकिन देखें कि आप सबसे बेहतर क्या कर सकते हैं. वह इतना प्‍यारा छोटा बच्‍चा है और वह मेरा बेटा है।
आपका,
अब्राहम लिंकन

इन्हें भी देखें[सम्पादन]

बाहरी कडियाँ[सम्पादन]

कॉमन्स
कॉमन्स
w
w
विकिपीडिया पर संबंधित पृष्ठ :