रबीन्द्रनाथ टैगोर

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रवीन्द्रनाथ ठाकुर (७ मई १८६१ – ७ अगस्त १९४१) को गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। वे विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के एकमात्र नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। नीचे रविन्द्रनाथ टैगोर द्वारा दी गयी विभिन्न पंक्तियाँ दी गयी है।

उद्धरण[सम्पादन]

  • अनंत रूपों मैं हम अपने खेल लिया है की इस नाटकशाला में, और यहाँ है मैं उसके बारे में दृष्टि है कि निराकार है पकड़ लिया।

बाह्य सूत्र[सम्पादन]