मुकेश अंबानी

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उक्तियाँ[सम्पादन]

  • रिश्ते और विश्वास, ये जीवन के आधार हैं।
  • अगर हम हमारे विचार प्रक्रिया के केंद्र में लाखों भारतीयों को रखते हैं, अगर हम उनके आत्म बोध के खातिर उनके कल्याण, उनके भविष्य के बारे में सोचते हैं, हम सही रास्ते पर हैं। भारत तभी बढेगा, विकास करेगा जब ये समृद्ध, विकसित होंगे। हम किसी भी गूढ़ रणनीतियों से विकसित नहीं हो सकते। हमारी क्रय शक्ति, हमारी आर्थिक ताकत, हमारे बाजार सभी इन लोगों की समृद्धि पर निर्भर करता है।
  • आज मैं एक अरब लोगों में एक अरब संभावित उपभोक्ताओं को देखता हूँ, उनके लिए मूल्य उत्पन्न करने का एक अवसर और अपनी वापसी के लिए एक अवसर के रूप में देखता हूँ।
  • मुझे ये लगता है कि हमारे मौलिक धारणा यह है कि हमारा विकास जीवन का एक तरीका है और हमें हमेशा विकासशील बने रहना चाहिए।
  • मेरे पिता को प्रकृति के प्रति एक बड़ा जुनून था। वास्तव में, मैंने उन्हीं से प्रकृति से प्यार करना सीखा. उन्होंने हमेशा प्रकृति संरक्षण की कारण वकालत की। मेरे पिता ने मुझमें भी यह चीज डाली।
  • मैं जब भी मेरे पिता के बारे में सोचता हूँ, तब मैं गर्व महसूस करता हूँ।
  • मुझे मेरे काम से बहुत प्यार है, इसलिए जब भी मैं काम करता हूँ, कभी भी थकान महसूस नहीं होती।

बाहरी कडियाँ[सम्पादन]

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