धीरूभाई अंबानी

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धीरूभाई अंबानी (२८ दिसम्बर १९३२ - ६ जुलाई २००२) एक भारतीय व्यापार थैलीशाह एवम् उद्यमी थे।

उक्तियाँ[सम्पादन]

  • बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे सोचो। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है।
  • हम अपने शाशकों को नहीं बदल सकते पर जिस तरह वो हम पे शाशन करते हैं उसे बदल सकते हैं।
  • ना शब्द मुझे बिलकुल सुनाई नहीं देता।
  • मेरे भूत, वर्तमान और भविष्य के बीच एक आम कारक है: रिश्ते और विश्वास। यही हमारे विकास की नीव हैं।
  • रिलायंस में विकास की कोई सीमा नहीं है।मैं हमेशा अपना वीज़न दोहराता रहता हूँ।सपने देखकर ही आप उन्हें पूरा कर सकते हैं।
  • मेरी सफलता का राज़ मेरी महत्वाकांक्षा और अन्य पुरुषों का मन जानना है।
  • हमारे स्वप्न विशाल होने चाहिए। हमारी महत्त्वाकांक्षा ऊँची होनी चाहिए। हमारी प्रतिबद्धता गहरी होनी चाहिए और हमारे प्रयत्न बड़े होने चाहिए। रिलायंस और भारत के लिए यही मेरा सपना है।
  • फायदा कमाने के लिए न्योते की ज़रुरत नहीं होती।
  • यदि आप दृढ संकल्प और पूर्णता के साथ काम करेंगे तो सफलता ज़रूर मिलेगी।
  • कठिन समय में भी अपने लक्ष्य को मत छोड़िये और विपत्ति को अवसर में बदलिए।
  • एक दिन धीरुभाई चला जायेगा। लेकिन रिलायंस के कर्मचारी और शेयर धारक इसे चलाते रहेंगे। रिलायंस अब एक विचार है, जिसमे अंबानियों का कोई अर्थ नहीं है।
  • युवाओं को एक अच्छा वातावरण दीजिये। उन्हें प्रेरित कीजिये। उन्हें जो चाहिए वो सहयोग प्रदान कीजिये। उसमे से हर एक आपार उर्जा का श्रोत है। वो कर दिखायेगा।
  • हमारे स्वप्न विशाल होने चाहिए। हमारी महत्त्वाकांक्षा ऊँची होनी चाहिए। हमारी प्रतिबद्धता गहरी होनी चाहिए और हमारे प्रयत्न बड़े होने चाहिए। रिलायंस और भारत के लिए यही मेरा सपना है।
  • समय सीमा पर काम ख़तम कर लेना काफी नहीं है,मैं समय सीमा से पहले काम ख़तम होने की अपेक्षा करता हूँ।
  • जो सपने देखने की हिम्मत करते हैं, वो पूरी दुनिया को जीत सकते हैं।

बाहरी कडियाँ[सम्पादन]

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