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बेनिटो मुसोलिनी

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बेनितो मुसोलिनी

बेनिटो मुसोलिनी (Benito Amilcare Andrea Mussolini ; 29 जुलाई, 1883 - 28 अप्रैल, 1945 ) इटली के एक पत्रकार और राजनीतिज्ञ थे। मुसोलिनी २०वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में राष्ट्रीय फ़सिस्ट पार्टी के प्रमुख के साथ-साथ इटली के प्राधनमंत्री के रूप में प्रमुखता से उभरे। 1922 में इटली के प्रधानमंत्री बने और 1943 तक देश पर शासन करते रहे। इस दौरान उन्होंने शासन के रूप को तानाशाही में बदल दिया।

उक्तियाँ

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  • अगर मैं आगे बढ़ूँ, मेरे पीछे आओ। अगर मैं पीछे हट जाऊं तो मुझे मार डालो।
  • कोई क्रांति नहीं है जो मनुष्य की प्रकृति को बदल सकती है।
  • जनसमूह, चाहे वह भीड़ हो या सेना, निंदनीय है।
  • जहाँ अज्ञान बोलता है, वहां बुद्धि को सलाह नहीं देनी चाहिए।
  • जो हमसे असहमत होते हैं उनसे हम बहस नहीं करते, उन्हें नष्ट कर देते हैं।
  • दूसरों पर भरोसा करना अच्छा है, लेकिन भरोसा न करना बेहतर है।
  • धर्म कमजोर दिमाग वाले व्यक्तियों को नियंत्रित करने में मनुष्य की प्रकृति को बदल सकती है।
  • निष्क्रियता मृत्यु है।
  • पत्रकारिता एक पेशा नहीं, एक मिशन है।
  • फासीवाद एक धर्म है। इतिहास में बीसवीं सदी को फासीवाद की सदी के रूप में जाना जाएगा।
  • फासीवाद की परिभाषा है- निगम और राज्य का विवाह।
  • भेड़ के रूप में सौ वर्ष की तुलना में एक दिन शेर के रूप में जीना बेहतर है।
  • मौन ही एकमात्र उत्तर है जो आपको मूर्खों को देना चाहिए।
  • लहू ही इतिहास के पहिए को चलाता है।
  • विश्वास करो, पालन करो, लड़ो।
  • सच तो यह है कि मनुष्य स्वतंत्रता से थक चुके हैं।
  • सन्तों का इतिहास मुख्य रूप से पागल लोगों का इतिहास है।
  • सबसे अच्छा खून किसी समय मूर्ख या मच्छर में मिल जाएगा।
  • समाजवाद एक धोखा है, एक कॉमेडी है, एक प्रेत है, एक ब्लैकमेल है।
  • सिद्धान्त रूप में लोकतन्त्र सुन्दर है; व्यवहार में यह एक भ्रम है।
  • हर अराजकतावादी एक भ्रमित तानाशाह है।