आयुर्विज्ञान
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आयुर्विज्ञान (Medicine) रोगियों को पहचानने और उनकी चिकित्सा करने का विज्ञान है।
उक्तियाँ
[सम्पादित करें]- मुझे औषधि, संगीत से बुरी लगती है। - Beaumont and Fletcher, Love's Cure (c. 1612–13; revised c. 1625; published 1647), Act III, scene 2.
- चिकित्सा : खुली सड़क पर खड़े कुत्ते को मारने के लिए खेत में एक पत्थर फेंकना। -- Ambrose Bierce, The Devil's Dictionary (1911).
आयुर्वेद सम्बन्धी सूक्तियाँ
[सम्पादित करें]- आयुर्वेद की मान्यता है कि जो कुछ भी पदार्थ कोई व्यक्ति खाता है वह उसके लिए दवा बन सकता है और जहर भी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कौन खा रहा है, वह क्या खा रहा है और कितनी मात्रा में खा रहा है।
- एक आयुर्वेदिक प्रशिक्षु के रूप में मेरा ये मानना है आज के दौर में कैंसर जैसे रोग का प्रसार अधिक इसलिए हो रहा है क्योंकि हम एक समाज के रूप मे अपने दैनिक जीवन की परिस्थितियों के प्रति गलत रवैया अपना रहे हैं।
- महर्षि चक्र ने कहा था कि जो व्यक्ति अपने इस जीवन मे अच्छे स्वास्थ्य की कामना रखता है और इसलिए उसे उन भावों का दमन करना चाहिए जो उसे बुराई की तरफ ले जाएँ चाहे वह मानसिक रूप से हो, मौखिक या शारीरिक हो।
- किसी व्यक्ति को परिस्थिति के अनुसार ही बोलना चाहिए ; जो शब्द अच्छे होते हैं, संक्षेप मे, जो सुनने मे तो अच्छे लगते हैं परंतु सत्य नहीं होते।
- ओजस सभी लोगों को पोषण करने और ताजा बनाये रखता है। ओजस के बिना जीवन सम्भव नहीं है।।
- मानसिक विचार जैसे शोक, भय, क्रोध, मन, निरालज्जता, ईर्ष्या को काबू में रखना चाहिए
- आयुर्वेद का यही मकसद है कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य को बरकरार रखा जाए और बीमार व्यक्ति को ठीक कर दिया जाए।
- आयुर्वेद का ऐसा मानना है कि शरीर की शक्तियां स्वास्थ्य और रोगों से लड़ने का सामर्थ्य हैं। इसे बढ़ाने के लिए खान पान का ध्यान रखना जरूरी है।
- शान्त रहें और जुड़ाव की असल जड़ों को पहचानें।
- किसी भी व्यक्ति को अपने मन का दास नहीं होना चाहिए, उसे अपने मन को नियंत्रण में रखना चाहिए।
- शरीर मन और बोली से जुड़े कुल 10 पापों को दरकिनार कर देना बेहद जरूरी है। चाहे वह मार पीट हो, अनुचित सेक्स हो, झूठ हो या फिर कुछ भी हो, इसे दरकिनार करना बेहद जरूरी है।
- वह सभी परेशानियां जो कि मौखिक के कारण होती हैं उनमें, बुरे शब्द, ज्यादा बात चीत, झूठ बोलना शामिल है।
- दूसरे द्वारा दिए गए बुरे वचनों पर सहिष्णु रहें और खुद को असहिष्णुता पर कंट्रोल रखें।
- आयुर्वेद की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसका उपचार हमेशा अन्य फायदे लेकर आता है अन्य नुकसान नहीं।
- दुनिया की हर चीज को सत्य एवं असत्य के बीच में बांटा जा सकता है। जो सच हैं वो हो सकते हैं जो झूठ हैं वो नहीं हो सकते।
- ज़िन्दगी में आयुर्वेद के अनुसार केवल तीन ही, कार्यों से सफलता प्राप्त होती है। आहार, नींद और ब्रह्मचर्य। अनुचित सेक्स को दरकिनार करें।
- खाने और नींद से जुड़ी हुई आदतें इंसान को सफल तो बनाती ही हैं साथ ही सफल होने की उम्मीद भी बढ़ जाती है।
- शारीरिक विचार जिन्हे करने से पहले सोचना चाहिए उनमें, गुस्सा, सेक्स और मार पीट शामिल है।
- किसी भी व्यक्ति द्वारा अपनी समझ और अपने दिमाग पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
- हर तरह की बनावट के साथ दोस्ताना रवैया रखे। गुस्से पर धैर्य रखें और गरीबों से प्रेम करें।
- धातु के साथ कोई भी छेड़ छाड़ रोग कहलाती है। दर्द बीमारी का सूचक है और खुशी स्वास्थ्य की।
- एक चालक व्यक्ति मानसिक विचार जैसे शोक, भय, क्रोध, मन, निरालज्जता, ईर्ष्या को खत्म कर देता है।
- आयुर्वेद के अनुसार एक बेःतरीन पद्धति है जिसकी मदद से खुद को बेःतरीन किया जा सकता है।
- बोलते समय किसी भी व्यक्ति को परुष, सूचक, असत्य, अकाल वक्त वाक्य का ध्यान रखना चाहिए।
- आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में इतना सामर्थ्य होना चाहिए कि हम बीमारियों को रोक सके।
- किसी भी व्यक्ति द्वारा बीमारियों से बचने के लिए शाष्टीका, शली, मुद्ग का सेवन करना चाहिए।
- असली दवा जमीन से आती है लैब से नहीं।
- यहां तक कि एक पक्का जहर भी एक कमाल की दवा बन सकती है बशर्ते उसे ठीक तरह से इस्तेमाल किया जाए। वहीं दूसरी तरफ एक अच्छी दवा भी घटिया जहर बन सकती है, अगर उसका ठीक तरह से इस्तेमाल ना किया जाए तब। एक परफ़ेक्शन वाले इंसान बने।
- ज़िन्दगी के स्तंभ सत्व, आत्मा और शरीर हैं। दुनिया उन्ही के मेल से चलती है। इन्हे संस्कृत में त्रिदंड के नाम से जाना जाता है।
- आयुर्वेद के अनुसार सबसे ज्यादा फायदेमंद खाना वही है जो वसा रहित है। ऐसे चावल अनार अदरक, घी और दूध।
- नमक केवल मिनरल्स में पाया जाता है, आयुर्वेद पत्थर, समुन्द्र, काले पीले हर तरह में अंतर कर सकता है। आयुर्वेद में प्रयोग की जा रही हर वस्तु बेस्ट होती है।
- असली के बीज का इस्तेमाल खून को साफ रखने के लिए और रक्त चाप जैसी चीजों को कंट्रोल में रखने के लिए किया जा सकता है।
- ज़िन्दगी में ट्विस्ट एंड टर्न आते रहेंगे, लेकिन आयुर्वेद के कारण आप खुद को बेःतरीन बनाते रहेंगे।
- शरीर पर प्रभाव डालने वाले छह टेस्ट को आयुर्वेद पहचान लेता है। आयुर्वेद यह भी जान लेता है कि कौन से टेस्ट बॉडी पर प्रभाव डाल रहे हैं।
- एक आयुर्वेद के डॉक्टर ने ये कहा था कि बुखार हो तो दवा ना लें क्यूंकि ये निशानी होती है कि हमारा शरीर उपचार कर रहा है।
- आयुर्वेद की थ्योरी ये कहती है कि कोई भी चीज जहर या अमृत इस बात से बनती है कि उसे कौन खा रहा है कितना खा रहा।
- समान फीचर और चरित्र विकास की तरफ जाते हैं, असमान चरित्र और विशेषताएं, ग्रोथ को दूर ले जाती हैं
- असली दवा जमीन से आती है लैब से नहीं।
- ज़िन्दगी ही आयुर्वेद, आयुर्वेद ही ज़िन्दगी है।
- आयुर्वेद में सेहत को शरीर की ध्वनि की तरह दर्शाया जाता है।
- आयुर्वेद केवल ऐसी विज्ञान नहीं है जो कि दवाइयों के साथ डील करती है, बल्कि ये लोगों के जीने का तरीका ही बदल देती है। बल्कि यह कहना उचित होगा कि यह एक जीने का तरीका है।
- आयुर्वेद योगा के साथ की ही पद्धति है। ये हमें ज़िन्दगी को बढ़ाने के बारे में बताती है और प्रकृति का मतलब भी समझाती है और साथ ही प्रकृति के उत्पादों के बारे में बताती है।
- आयुर्वेद एक विज्ञान है जो कि लोगों को स्वस्थ करने के लिए बनाया गया है। यह बीमारियों की रोकथाम के लिए बनाया गया है।
- हर्बल रेमेडी हो या फिर मसाज हो या फिर एक्सरसाइज हो या फिर मेडिटेशन हो ये सब हमारे शरीर को केवल रिपेयर कर सकते है लेकिन अगर हमें हमारे शरीर को तबाह होने से बचाना है तो अच्छी डाइट लेनी ही पड़ेगी।
- चरक संहिता के अनुसार आयुर्वेद के दो प्रमुख भाग प्राण और अग्नि हैं। इसका अर्थ है ज़िन्दगी की ताकत और पचाने की ताकत।
- आयुर्वेद की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसका उपचार हमेशा अन्य फायदे लेकर आता है अन्य नुकसान नहीं।
- आयुर्वेद का बिल्कुल सही उद्गम बता पाना काफी ज्यादा मुश्किल है। यह कहीं बीच में खो गया है। लोग 6000 ईसापूर्व सालों से इसे मान रहे हैं और इसके उपासक रहे हैं।
- आयुर्वेद कहता है कि उसकी पद्धति आपको उस बीमारी से तो लड़ने में मदद करेगी ही बल्कि हर बीमारी को हराने की कोशिश करेगी, आप जानते हैं ऐसा क्यूँ, ऐसा इसलिए क्यूंकि आयुर्वेद कभी भी शरीर के केवल उस हिस्से का उपचार नहीं करता बल्कि वह हर हिस्से का उपचार करता है।
- आयुर्वेद का एक बहुत पुराना नियम कहता है कि खाना ही दवा है और दवा ही खाना है।
- आयुर्वेद में एक कहावत है कि जब डाइट गलत होती है तब दवाई कोई फायदा नहीं करती, और जब डाइट सही होती है तब दवाइयों की जरूरत ही नहीं पड़ती।
- आयुर्वेद हमें यह सिखाने में काफी समय व्यतीत करता है कि हम तीन दोषों को कैसे जाने और अपनी परिधि को कैसे स्वस्थ रखें।