श्री श्री रवि शंकर

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श्री श्री रवि शंकर[सम्पादन]

  • श्रद्धा यह समझने में है कि आप हमेशा वो पा जाते हैं जिसकी आपकी ज़रुरत होती है।
  • दूसरों को सुनो; फिर भी मत सुनो। अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्याओं में उलझ जाएगा, ना सिर्फ वो दुखी होंगे, बल्कि तुम भी दुखी हो जओगे।
  • अपने कार्य के पीछे की मंशा को देखो। अक्सर तुम उस चीज के लिए नहीं जाते जो तुम्हे सच में चाहिए।
  • स्वर्ग से कितना दूर? बस अपनी आँखें खोलो और देखो। तुम स्वर्ग में हो।
  • “आज” भगवान का दिया हुआ एक उपहार है- इसीलिए इसे “प्रेजेंट” कहते हैं।
  • जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए। जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है। गेंद को पकड़े मत रहो।

कविता[सम्पादन]

बाहरी कडियाँ[सम्पादन]