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विपत्ति

विकिसूक्ति से
  • विपदि धैर्यमथाभ्युदये क्षमा सदसि वाक्पटुता युधि विक्रमः।‬
यशसि चाभिरुचिर्व्यसनं श्रुतौ प्रकृतिसिद्धमिदं हि महात्मनाम्॥‬ -- भर्तृहरि, नीतिशतक में
‪विपत्ति में धैर्य, उन्नति में क्षमाशीलता, सभा में वाणी की चतुरता, युद्ध में वीरता, यश में अभिरुचि, वेद-शास्त्रों के अध्ययन में अनुराग - ये छः गुण महापुरुषों में स्वाभाविक रूप से होते हैं।
  • विपदः सन्तु नः शाश्वत तत्र तत्र जगद्गुरो ।
भवतो दर्शनं यत्स्यादपुनर्भवदर्शनम् ॥ -- श्रीमद्भागवत
हे जगद्गुरु (कृष्ण) ! हमारे जीवन में हमेशा पग-पग पर विपत्ति आती रहें; क्योंकि विपत्तियों में ही निश्चित रूप से आपके दर्शन हुआ करते हैं और आपके दर्शन हो जाने पर फिर जन्म-मृत्यु के चक्र में भी नहीं आता पड़ता।
  • परनिन्दासु पाण्डित्यं स्वेषु कार्येष्वनुद्यमः ।
प्रद्वेषश्च गुणज्ञेषु पन्थानो ह्यापदां त्रयः ॥
दूसरों की निन्दा करने में प्रवीणता, अपने कार्यों में उद्यम न लगाना, गुणज्ञों से द्वेष करना - ये तीनों ही विपत्ति के मार्ग हैं।
  • आसा तो आपदा, जे संसा तो सोग।
गुर मुषि बिना न भाजसी, येदून्यों बड़ रोग॥ -- गुरु गोरखनाथ
जो दूसरों से आशा (उम्मीद) करते हैं उन्हें आपदा झेलनी पड़ती है और शंशय करने से शोक का सामना करना पड़ता है। ये दोनो ही बड़े घातक रोग हैं। गुरु के मुख से प्राप्त ज्ञान को धारण किये बिना ये भागेंगे नहीं (यानी समाप्त नही होंगे)।
  • तुलसी साथी विपति के, विद्या विनय विवेक।
साहस सुकृत सुसत्यव्रत, राम-भरोसो एक॥ -- तुलसीदास
विद्या, विनय, विवेक, साहस, किये गये अच्छे कार्य, सत्यव्रत, और ईश्वर में विश्वास विपत्ति के समय साथ देते हैं।
  • रहिमन विपदाहू भली, जो थोरे दिन होय ।
हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोय ॥ -- रहीम
  • कह रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीति।
विपति कसौटी जे कसे, तेई साँचे मीत। -- रहीम
किसी व्यक्ति के पास धन होता है तब तक ही लोग उसके अपने होते हैं। विपत्ति के समय साथ देने वाला ही सच्चा मित्र होता है ।
  • धीरज धरम मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी॥ -- तुलसीदास, रामचरितमानस में
  • आपदि मित्र परीक्षा । -- संस्कृत सूक्ति
विपत्ति में मित्र की परीक्षा होती है।
  • प्रत्येक भौतिक आपदा के पीछे एक दैवी उद्देश्य विद्यमान होता है। -- महात्मा गांधी , ट्रुथ इज गॉड, १९५५ पृष्ठ २४
  • जिनके हृदय में सदैव परोपकार की भावना रहती है, उनकी आपदाएं समाप्त हो जाती हैं और पग-पग पर धन की प्राप्ति होती है। -- चाणक्य
  • अपने अंतर्ज्ञान (intuition) पर भरोसा करना अक्सर हमें आपदा से बचाता है। -- Anne Wilson Schaef
  • आशावादी व्यक्ति हर आपदा में एक अवसर देखता है; निराशावादी व्यक्ति हर अवसर में एक आपदा देखता है। -- विन्सटन चर्चिल
  • महान लोग विपत्ति आने पर धैर्य धारण करते हैं। -- नारायण पण्डित
  • जो मनुष्य अपने मुँह में लगाम देता है और जीभ को वश में रखता है, वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है। -- नीतिवचन
  • विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखानेवाला कोई विद्यालय आज तक नहीं खुला। -- मुंशी प्रेमचन्द
  • आनेवाले संकट को देखकर अपना भावी कार्यक्रम निश्चित करनेवाला सुखी रहता है। -- विष्णु शर्मा
  • विपत्तियाँ कभी अकेले नहीं आतीं। -- स्वामी रामतीर्थ
  • विपत्ति के आने पर अपनी रक्षा के लिए व्यक्ति को अपने पड़ोसी शत्रु से भी मेल कर लेना चाहिए। -- महाभारत
  • विपत्ति हम से सभी चीजों को दूर कर देती है सिवाय उन चीजों के जो हमसे अलग नहीं की जा सकती, ताकि हम स्वयं का असली रूप जान सकें। -- आर्थर गोल्डन
  • समस्या यह नहीं है की जीवन में समास्याए हैं। समस्या तो यह है की हम इसके विपरीत आशा करते हैं और सोचतें हैं की समस्याए होना ही समस्या है। -- थिओडोर रुबिन
  • जब घना अँधेरा होता है तबी आप सितारों को देख सकतें हैं। -- राल्फ वाल्डो इमर्सन
  • शांत समुद्र में जहाज चलाने से कोई कुशल नाविक नहीं बनता। -- अफ्रीकन कहावत
  • बुरे समय से अच्छा शिक्षक कोई नहीं है। -- डिज़राइली
  • अगर आप किसी बुरी स्थिति में हैं तो चिंता मत कीजिये वह ख़त्म हो जाएगी। अगर आप किसी अच्छी स्थिति में है तो चिंता मत कीजिये वह ख़त्म हो जाएगी। -- जॉन ए. साइमन
  • जिसको पता है की वह क्यों जी रहा है वह कैसे भी जी लेगा। -- फ्रेडरिच नित्ज्शे
  • बुरा समय और गरीबी प्रतिभा और योग्यताओं को बहार निकल देतें हैं, जो की अमीरी की हालत में इन्सान में सोये पड़े रहतें हैं। -- होरेस
  • विपत्ति का मनुष्य पर वही असर होता है जो किसी खिलाड़ी पर कठिन प्रशिक्षण का होता है। -- जोश बिल्लिंग्स
  • हर समस्या के अन्दर उसके हल के बीज छुपे होतें हैं। अगर आपके पास कोई समस्या न आये तो आप कोई भी बीज हांसिल नहीं कर सकेंगे। -- नार्मन विन्सेंट पियल
  • जिस तरह किसी बीज को टूटना पड़ता है, धूप में तपना पड़ता है, तुम्हे भी दर्द को जानना चाहिए। …. अपने दिल के बदलते मोसमों को भी स्वीकार करो, जिस तरह तुम फिजाओं में बदलते हुए मोसम को स्वीकार करते हो। -- खलील जिब्रान
  • सूरज के डूब जाने पर रोइए मत, क्योंकि आंसुओं की वजह से आप सितारे नहीं देख पाएंगे। -- वायलेट पारा
  • हर फूल को धूल-मिटटी में ही उगना पड़ता है। -- कहावत
  • ईश्वर दुखों के पत्थर पर घिसकर मुझे तेज बनाता है। -- हेनरी वार्ड बीचर
  • दो चीजें हैं जिनकी हर मनुष्य को आदत बना लेना चाहिए अन्यथा जीवन असहनीय हो जाएगा। वे दो चीजें हैं - समय द्वारा पहुचाया गया नुकसान और मनुष्यों द्वारा किया गया अन्याय। -- -- सेबेस्टियन रोच निकोलस
  • इशरत इ क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना,
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना। -- मिर्ज़ा ग़ालिब
  • रंज से खुंगर हुआ इंसा तो मिट जाता है रंज,
मुश्किलें मुझ पर पड़ी इतनी की आसन हों गयीं॥ -- मिर्ज़ा ग़ालिब

इन्हें भी देखें[सम्पादन]