विपत्ति

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  • तुलसी साथी विपति के, विद्या विनय विवेक।
साहस सुकृत सुसत्यव्रत, राम-भरोसो एक॥ -- तुलसीदास
विद्या, विनय, विवेक, साहस, किये गये अच्छे कार्य, सत्यव्रत, और ईश्वर में विश्वास विपत्ति के समय साथ देते हैं।
  • महान लोग विपत्ति आने पर धैर्य धारण करते हैं। -- नारायण पण्डित
  • जो मनुष्य अपने मुँह में लगाम देता है और जीभ को वश में रखता है, वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है। -- नीतिवचन
  • विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखानेवाला कोई विद्यालय आज तक नहीं खुला। -- मुंशी प्रेमचंद
  • आनेवाले संकट को देखकर अपना भावी कार्यक्रम निश्चित करनेवाला सुखी रहता है। -- विष्णु शर्मा
  • विपत्तियाँ कभी अकेले नहीं आतीं। -- स्वामी रामतीर्थ
  • विपत्ति के आने पर अपनी रक्षा के लिए व्यक्ति को अपने पड़ोसी शत्रु से भी मेल कर लेना चाहिए। -- महाभारत