रामधारी सिंह 'दिनकर'

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रामधारी सिंह 'दिनकर' (२३ सितंबर १९०८ - २४ अप्रैल १९७४) एक भारतीय लेखक, कवि एवं निबंधकार थे। हिन्दी भाषा को उनके योगदान के लिए उन्हें १९५९ में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

उद्धरण[सम्पादन]

  • सुनूँ क्या सिन्धु! मैं गर्जन तुम्हारा
    स्वयं युगधर्म का हुँकार हूँ मैं! या,
    'मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूँ मैं
    उर्वशी अपने समय का सूर्य हूँ मैं।

बाह्य सूत्र[सम्पादन]