रामकृष्ण परमहंस

विकिसूक्ति से
Jump to navigation Jump to search
रामकृष्ण

रामकृष्ण परमहंस (18 फ़रवरी 1836 – 16 अगस्त 1886) भारत के एक महान संत, आध्यात्मिक गुरु एवं विचारक थे।

उद्धरण[सम्पादन]

  • सभी धर्म समान है। महत्वपूर्ण बात यह है कि छत पर पहुंचने के लिए आप पत्थर की सीढ़ियों से, लकड़ी की सीढ़ियों से, बांस की सीढ़ियों से या रस्सी से पहुंचा सकते हैं। आप बांस के खंभे से भी चढ़ सकते हैं।
  • जिसने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया, उस पर काम और लोभ का विष नहीं चढ़ता।
  • सभी धर्म एक ही है और सबका भगवान एक ही हैं चाहें कोई हिन्दू हो या मुस्लिम या हो सिख-ईसाई।
  • भगवान को सभी पथो और माध्यमों के द्वारा महसूस किया जा सकता हैं, सभी धर्म सच्चे और सही हैं। महत्वपूर्ण बात यह यह कि आप उस तक उस तक पहुँच पाते हैं या नहीं। आप वहां तक जानें के लिए कोई भी रास्ता अपना सकते हैं रास्ता महत्व नहीं रखता।
  • अगर तुम पूर्व की ओर जाना चाहते हो तो पश्चिम की ओर मत जाओ।
  • भगवान की भक्ति या प्रेम के बिना किया गए कार्य को पूर्ण नहीं किया जा सकता।
  • संसार के चारो कोनो में यात्रा कीजियें, लेकिन फिर भी आपको कहीं भी कुछ भी नहीं मिलेगा। जो आप प्राप्त करना चाहते हैं वह तो यही आपके अन्दर विराजमान हैं।
  • धर्म पर बात करना बहुत ही आसान है, लेकिन इसको आचरण में लाना उतना ही मुश्किल हैं।
  • बिना सत्य बोले तो भगवान को प्राप्त ही नहीं किया जा सकता, क्योकि सत्य ही भगवान हैं।
  • वह मनुष्य व्यर्थ ही पैदा होता है, जो बहुत ही कठिनाईयों से प्राप्त होने वाले मनुष्य जन्म को यूँ ही गवां देता हैं और अपने पुरे जीवन में भगवान का अहसास करने की कोशिश ही नहीं करता है।
  • जब तक यह जीवन हैं और तुम जीवित हो, सीखते रहना चाहिए।
  • आपका जितना परिक्षण होगा , आपका अनुभव उतना ही ज्यादा होगा और इससे आपका जीवन बेहतर होगा |

बाह्य सूत्र[सम्पादन]

w
विकिपीडिया पर संबंधित पृष्ठ :