मुस्तफा कमाल अतातुर्क

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मुस्तफा कमाल अतातुर्क () आधुनिक तुर्की के जनक (अता तुर्क) कहे जाते हैं। उनका जन्म 1881 ई. में सेलोनिका के एक सामान्य परिवार में हुआ था। सात वर्ष की उम्र में ही उसके पिता अली रजा की मृत्यु हो गयी, अतः उसका लालन-पालन उनकी माता जुबेदा ने किया।

मुस्तफा कमाल पाशा साम्राज्यवाद के कट्टरविरोधी तथा राष्ट्रीयता एव आधुनिकता का प्रबल समर्थक थे। मुस्तफा पाशा ने तुर्की को आधुनिक राष्ट्र के रूप में परिवर्तित किया, जिसे पहले 'यूरोप का रोगी' कहा जाता था। मुस्तफा कमाल पाशा ने आधुनिक तुर्की के निर्माण के लिये आधुनिक शिक्षा प्रणाली शुरू की तथा प्रारम्भिक शिक्षा अनिवार्य तथा निशुल्क कर दिया; उपाधियों का अन्त कर दिया गया; राष्ट्रीयता के विकास के लिए नगरों के प्राचीन नामों को बदला गया; स्त्री शिक्षा व्यवस्था और सिविल विवाह की पद्धति लागू की गई; खिलापत (खलीफा को शासनाध्यक्ष मानना) का अन्त कर दिया गया तथा तुर्की धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया; पंचवर्षीय योजनाओं का आरम्भ कर तीव्र औद्योगिकीकरण को बढ़ावा दिया गया।

विचार[सम्पादन]