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नरेन्द्र मोदी

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राजवंश लोकतंत्र का दुश्मन है (स्रोत)।

नरेंद्र दामोदर दास मोदी (जन्म: १७ सितम्बर १९५०, वादनगर) भारत गणराज्य के चौदहवें प्रधानमंत्री और राजनेता हैं।

उक्तियाँ[सम्पादन]

  • जितना अधिक आप मेरे ऊपर कीचड़ फेंकेंगे, उतना अधिक कमल खिलेगा।
  • किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए उसका घोषणापत्र गीता और कुरान की तरह होना चाहिए।

२०१४ चुनाव अभियान के दौरान[सम्पादन]

  • अच्छे दिन आने वाले हैं।
  • मुझे देश के लिए मरने का अवसर नहीं मिला है, लेकिन मुझे देश के लिए जीने का अवसर मिल गया है।
  • हमारा मन्त्र है: सबका साथ सबका विकास।
  • गुजरात संभवतः एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ आँगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाता है।
  • मैंने चाय बेची है, लेकिन कभी अपना देश नहीं बेचा।
  • अच्छे दिन आने वाले हैं।
  • एक समय था जब भारत को अन्य देश के लोग सपेरों का देश मानते थे लेकिन आजकल हमारे देश के युवाओं के चलते ये देश अब सापों को नही 'माउस' को नचाते है।
  • हमारे देश की सेना बात नही करती रणक्षेत्र में अपना पराक्रम दिखाती है।
  • पिछले सरकारों को आपलोगो ने 70 साल का समय दिया आपलोग सिर्फ मुझे 50 दिन का समय दो सारे कालेधन वाले खुद बाहर निकल आयेगे।
  • नोटबंदी का फैसला देशहित में लिया है लेकिन जिससे इसका नुकसान हुआ है वे लोग मुझे छोड़ेगे नही।
  • नोटबंदी से हमारे देश की जनता तो आज पहली बार चैन की सास लेकर सोने जा रही है जबकि कुछ लोग आज से नीद की गोलिया लेना शुरू कर देंगे।
  • जिनको अपने काले धन ठिकाने लगाने का मौका नही मिला वही लोग मुझसे नाराज है अगर मै इन्हें 72 घंटे का मौका देता तो यही लोग मेरी वाहवाही करते।
  • कालेधन को समाप्त करना है तो भारत की कैश अर्थव्यवस्था को कैशलेश की तरफ ले जाना है। हमे नोटबंदी के साथ कैशलेस भी होना जरुरी है।
  • आप अपने मोबाइल को अपना बटुआ बना सकते है और अपने मोबाइल से सब्जी भी खरीद सकते है और अपना सारा व्यापार भी कर सकते है।
  • लोकतंत्र में जनता का ही फैसला सर्वमान्य होता है जिसे मानना हम सबकी जिम्मेदारी है।
  • हमे अपने देश की आजादी के लिए मरने का मौका तो नही मिला लेकिन इन प्यारे देशवासियों के लिए जीने का मौका मिला है तो इसे कभी हम व्यर्थ नही जाया करेगे और देश के हित में काम करना भी देशभक्ति है।
  • माता पिता तो अपने बढती हुई बच्चियों पर लगाम तो लगाते है लेकिन ऐसे माता पिता अपने लडको से पूछते है की वे क्या करते है कहा जाते है क्यूकी एक बलात्कारी भी किसी माँ बाप का ही लड़का होता है इसलिए हर माँबाप का कर्तव्य है की अपनी बेटियों के साथ साथ बेटो पर ध्यान रखे की कही उनका बेटा गलत दिशा में तो नही जा रहा है।
  • जो हमारे दादा दादी ने किया मेरे माँ बाप ने भी वैसा किया क्या हमे भी वैसा करना चाहिए इस सोच पर देश नही चलती हम तो अपने बडो से मार्गदर्शन तो ले सकते है लेकिन सोच और परिस्थिति तो अपने समय के हिसाब से होती है और उसी के अनुसार आगे बढ़ा जा सकता है।
  • मैं आपसे वादा करता हूँ कि अगर आप एक दिन में 12 घंटे तो काम करेगे तो मै 13 घंटे काम करुँगा, अगर आप 13 घंटे तो मै 14 घंटे और आप 14 घंटे काम करेगे तो मै 15 घंटे काम करुगा क्योंकि मै आप सबका प्रधानमन्त्री नही 'प्रधानसेवक' हूँ।
  • कुछ बनने के लिए सपने मत देखो बल्कि कुछ ऐसा करके दिखाना है ऐसा सपना देखना चाहिए।
  • हमारे द्वारा की गयी कड़ी मेहनत कभी थकान नही लाती बल्कि उसे पूरा करने से संतोष का आनंद प्राप्त होता है।
  • हमारे मन की कोई समस्या नही होती समस्या तो केवल हमारे मानसिकता की होती है जिसकी उपज के लिए खुद हम जिम्मेदार होते है।
  • हर इन्सान के अंदर दो गुण होते है एक अच्छा और एक बुरा और इन्सान जिस पर अपना ध्यान लगाएगा वैसा ही बन जायेगा।
  • मेरे जीवन का लक्ष्य ही सबकुछ है पर मेरी महत्वकांक्षा कुछ भी नही है अगर मै नगर निगम का अध्यक्ष भी होता तो भी मै उतना ही मेहनत करता जितना की आज मै प्रधानमन्त्री या मुख्यमंत्री होकर करता हूँ।
  • मै जितना अधिक संघर्ष करता हूँ मेरा संघर्ष ही इन फाइलों में जान डाल देता है।
  • राजनीति का कोई अंत नही होता।
  • मेरे लिए धर्म का मतलब अपने काम के प्रति निष्ठावान और देश के प्रति समर्पण है।
  • एक गरीब परिवार का बेटा भी अपनी बातें कह सकता है और अपने हक के लिए लड़ सकता है। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
  • मैंने चाय बेचा है, देश बेचना कभी नहीं सीखा है।
  • करोड़ों लोगों का यह देश मेला है कौन कहता है कि मोदी अकेला है।
  • गुजरात का विकास माडल देश के विकास विकास का माडल हो सकता है।
  • इच्छा + स्थिरता = संकल्प ; संकल्प + कड़ी परिश्रम = सफलता।
  • जब कोई कहता है की प्रधानमन्त्री कमजोर हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि लोग उसके शारीरिक क्षमता के बारे में कह रहे हैं बल्कि प्रधामंत्री वो पद होता है जिसकी गरिमा कम हो गयी है और जिस कार्यालय में बैठता है वो कार्यालय सबसे सशक्त कार्यालय होता है लेकिन वो कार्यालय की शक्ति खत्म सी हो गयी है।
  • हम 'स्किल्ड इंडिया' चाहते हैं लेकिन पिछली सरकार ने पिछले 10 साल से से भारत को 'स्कैम इण्डिया' बना दिया है।
  • राहुल का भाषण लोगो के लिए मनोरंजन का अच्छा साधन है।
  • किसी भी लोकतंत्र के लिए राजवंश घातक सिद्ध होता है, आप इतिहास उठाकर देख सकते हैं।
  • मोदी-सरकार विरोधी ताकतों का सिर्फ एक ही एजेंडा है, मोदी को रोको
  • लगातार जो चलते हैं वही मीठा फल पाते हैं। सूरज की अटलता देखो लगातार गतिशील और निरंतर चलने वाला कभी नहीं रुकने वाला। इसलिए हमें भी हमेसा आगे ही बढ़ते रहना चाहिए।
  • एक गरीब कभी मुफ्त की नही खाना चाहता, उसे तो सिर्फ अपने काम के बदले पैसे लेना चाहता है। और इस देश के गरीब में वो ताकत है यदि उसे काम करने का मौका मिले तो बंजर मिट्टी से भी सोना उगा सकता है।
  • लोकतंत्र में कोई किसी का दुश्मन नही होता बल्कि यहाँ यही प्रतिस्पर्धा होती है की देश के विकास के लिए कौन अधिक से अधिक अच्छा कार्य कर सकता है।
  • डरते वही हैं जो अपनी छवि के लिए मरते हैं। मै तो अपने भारतवर्ष की छवि के लिए मरता हूँ इसलिए किसी से नही डरता हूं।
  • सरकार किसी एक की विशेष पार्टी नही होती , बल्कि ये लोकतंत्र में सभी लोगो की लिए होती है।
  • मै न तो मुफ्त में भोजन दूंगा और न मुफ्त में पानी, बल्कि मैं रोजगार के लिए इतने अवसर लाऊंगा और भारत देश के युवाओं को इतना सक्षम बनाऊंगा की देश का हर नौजवान अपने स्वाभिमान से अपना पेट भर सकेगा और दुसरों के प्यास बुझा सकेगा।
  • मैं एक छोटा आदमी हूँ और मैं छोटे छोटे लोगों के लिए बड़े-बड़े काम करना चाहता हूँ।
  • हमारी जिम्मेदारी देश को चलाने की ही नहीं बल्कि देश के सभी लोगों को साथ में लेकर चलने की है।
  • आतंकवाद का कोई मजहब नही होता। यह युद्ध से भी बदतर है। भारत ने अपने युद्धों की तुलना में आतंकवाद से ज्यादा लोगों को खोया है।
  • स्वच्छ भारत का सपना गांधीजी ने देखा था, आईये इसे हम साकार करें।
  • अपने जीवन में न मैने माँ-बाप की दौलत पाई है और मुझे धन दौलत चाहिए भी नहीं। अगर मेरे पास कुछ है भी तो वो है मेरे माँ का दिया हुआ आशीर्वाद जो मुझे हमेसा आगे बढने की प्रेरणा देती है।
  • समाज की सेवा करना यानी एक तरह से हमे एक तरह से अपने ऋण चुकाने का मौका है।

चन्द्रयान-३ की सफलता पर[सम्पादन]

  • चंद्रमा के जिस स्थान पर चंद्रयान-2 ने अपने पदचिन्ह छोड़े हैं, वह प्वाइंट अब ‘तिरंगा’ कहलाएगा। ये तिरंगा प्वाइंट भारत के हर प्रयास की प्रेरणा बनेगा, ये तिरंगा प्वाइंट हमें सीख देगा कि कोई भी विफलता आखिरी नहीं होती। जिस स्थान पर चंद्रयान-3 का मून लैंडर उतरा है, उस स्थान को ‘शिवशक्ति’ के नाम से जाना जाएगा।
  • भारत के ज्ञान और विज्ञान का खजाना गुलामी के कालखंड के नीचे दबा हुआ है। ‘आजादी के अमृत काल’ में हमें इस संदूक को खोदना होगा।
  • चंद्रयान 3 में महिला वैज्ञानिकों ने अहम भूमिका निभाई है। यह ‘शिवशक्ति’ प्वाइंट आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा कि हमें विज्ञान का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए ही करना है। मानवता का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है।

सन २०२३ की विजयादशमी पर देशवासियों के लिये १० संकल्प[सम्पादन]

  1. आने वाली पीढ़ी के लिए पानी बचाएं।
  2. डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करें।
  3. गांव-कस्बों में स्वच्छता को बढ़ावा दें।
  4. वोकल फॉर लोकल बने, स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।
  5. खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद न बनाए।
  6. पहले देश घूमें, फिर दुनिया।
  7. किसानों को जैविक खेती के लिए जागरूक करें।
  8. सुपर फूड-बाजरा आदि का प्रयोग करें, जिससे किसानों को बढ़ावा मिले।
  9. योग, खेल व फिटनेस को प्राथमिकता दें।
  10. कम से कम एक गरीब परिवार का समर्थन करें।

जाति पर[सम्पादन]

  • मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है गरीब, मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है युवा, मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है महिलाएं, मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है किसान। इन चार जातियों का उत्थान ही भारत को विकसित बनाएगा। -- नरेन्द्र मोदी, विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों के साथ बातचीत करते हुए, 1 दिसंबर, 2023[१]

जलवायु परिवर्तन पर[सम्पादन]

विविध[सम्पादन]

  • जज़्बा होना सबसे जरूरी है… मुझे बहुत ख़ुशी है कि आज सवा सौ करोड़ लोगों के मन में एक उमंग, आशा और संकल्प का भाव है और लोग मुझसे अपेक्षा कर रहे हैं।
  • अब अटकाने, लटकाने और भटकाने वाला काम नहीं होता, अब फाइलों को दबाने वाली संस्कृति खत्म कर दी गयी है। सरकार अपने हर मिशन, हर संकल्प को जनता के सहयोग से पूरा कर रही है।
  • भारत आँख झुकाकर या आँख उठाकर नहीं बल्कि आँख मिलाकर बात करने में विश्वास करता है।
  • मेरी पूंजी है- कठोर परिश्रम और सवा सौ लोगों का प्यार।
  • “तब और अब” में जमीन आसमान का अंतर क्योंकि जब नीति स्पष्ट हो, नीयत साफ़ हो और इरादे नेक हों तो उसी व्यवस्था के साथ आप इच्छित परिणाम ले सकते हैं।
  • जिस पर संतोष का भाव पैदा हो जाता है, जीवन फिर आगे नहीं बढ़ता। हर आयु, हर युग, कुछ न कुछ नया पाने को गति देता है।
  • “आयुष्मान भारत” की सोच सिर्फ सेवा तक सीमित नहीं है बल्कि ये जनभागीदारी का एक आव्हान भी है ताकि हम स्वस्थ, समर्थ और संतुष्ट न्यू इंडिया का निर्माण कर सकें।
  • भारत की विकास गाथा तब तक पूरी नहीं होगी जब तक कि हमारे देश के पूर्वी भाग की प्रगति पश्चिमी भाग के बराबर न हो। उत्तर-पूर्व, भारत के विकास का नया इंजन बन सकता है।
  • बेटी बोझ नहीं, बेटी पूरे परिवार के आन-बान और शान होती है।
  • जब कोई व्यक्ति यह तय कर ले कि उसे कुछ हासिल करना है, तो उसे कोई भी रोक नहीं सकता। यह लोगों की शक्ति का प्रमाण है। देश का निर्माण सरकार या प्रशासन या कोई नेता नहीं करता है, देश का निर्माण इसके नागरिकों की ताकत से होता है।
  • चार साल पहले पूरी दुनिया में जब भारत की चर्चा होती थी, तो कहा जाता था, 'फ्रेजाइल फाइव' (Fragile Five)। आज भारत के फ्रेजाइल फाइव की नहीं, भारत के 'फाइव ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी' के लक्ष्य की चर्चा होती है। अब पूरी दुनिया भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है।
  • आज भारत दुनिया की तेजी से बढती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हम कृषि से लेकर एरोनोटिक्स तक और अन्तरिक्ष मिशन से लेकर सेवा पहुंचाने तक, उपयोगी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • समय का सदुपयोग किन किन चीजों में है ये बात हमें पता होनी चाहिए। एक ही टाइम टेबल 365 दिन काम नहीं आता। हमें समय का पूर्ण सदुपयोग करना चाहिए।
  • आप खुद के साथ स्पर्धा कीजिए कि मैं जहाँ कल था उससे 2 कदम आगे बढ़ा क्या, अगर आपको ऐसा लगता है तो यही आपकी विजय है। कभी भी दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा मत कीजिए बल्कि खुद के साथ अनुस्पर्धा कीजिये।
  • आत्मविश्वास खुद को चुनौती देने और कड़ी मेहनत करने से ही आता है। हमें हमेशा अपने आप को बेहतर बनाने के बारे में सोचना चाहिए।
  • मैं सभी माता-पिता से अनुरोध करता हूँ कि वे अपने बच्चों की उपलब्धियों को सोशल स्टेटस न बनाएं। दूसरों बच्चों से अपने बच्चों की तुलना मत करें। आपके बच्चे के अन्दर जो सामर्थ्य है उसे पहचानिए। अंक और परीक्षा जीवन का आधार नहीं है।
  • खेल के लिए जो समर्पित लोग होते हैं वो पैसे और प्रसिद्धि के लिए नहीं खेलते उनके अन्दर एक जज़्बा होता है। जब अंतराष्ट्रीय खेल होते हैं और भारत का खिलाडी खेलता है तो वह जूझता है, पूरी तरह जी-जान से लगता है। लेकिन जैसे ही वह विजयी होता है उसकी पूरी शारीरिक भाषा बदल जाती है, सारी थकान दूर हो जाती है। जब वह खिलाड़ी हाथ में तिरंगा लेकर दौड़ता है – यह सारे हिन्दुस्तान में ऊर्जा और चेतना भर देता है।
  • खेल हमारे युवाओं के जीवन का एक अभिन्न अंग बनना चाहिए। खेल व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
  • अगर व्यक्ति कुछ करने की ठान ले तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। जन-आन्दोलन के माध्यम से बड़े से बड़े बदलाव लाये जा सकते हैं।
  • समाज के सभी लोगों को सही मायने में विकास का लाभ मिल सके इसके लिए जरूरी है कि हमारा समाज कुरीतियों से मुक्त हो। आइये हम सब मिलकर कुरीतियों को समाज से ख़त्म करने की प्रतिज्ञा लें और एक नया भारत, एक सशक्त एवं समर्थ भारत का निर्माण करें।
  • जैसा पहले था, वैसा ही चलता रहेगा, कुछ बदलेगा नहीं..कुछ होने वाला नहीं है… इस सोच से भारत अब बहुत आगे बढ़ चुका है। भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं। व्यवस्थाओं में हो रहे सम्पूर्ण परिवर्तन का, एक अनुत्क्रमणीय परिवर्तन (irreversible change) का परिणाम आपको हर एक सेक्टर में नजर आएगा।
  • एक बार भारत के लोग कुछ करने की ठान लें तो कुछ भी असम्भव नहीं है।
  • हमारी राष्ट्रीय भक्ति सभी बाधाओं से परे है। यह हमें भारत और विश्व में सभी भारतीयों की मदद करने के लिए प्रेरित करती है।
  • जैसे सरदार पटेल में देश का एकीकरण किया था वैसे ही देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाला काम GST के माध्यम से हुआ है। दशकों बाद 'वन नेशन -वन टैक्स' का सपना साकार हुआ है।
  • 21 वीं सदी में भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए, न्यू इंडिया बनाने के लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा। संकल्प साथ मिलकर काम करने का, संकल्प एक-दुसरे को मजबूत करने का।
  • हमारा प्रयास है कि देश का हर व्यक्ति सशक्त हो। एक समावेशी समाज का निर्माण हो। ‘सम’ और ‘मम’ के भाव से समाज में समरसता बढ़े और सब एकसाथ मिलकर आगे बढ़ें।
  • आतंकवाद ने विश्व की मानवता को ललकारा है। आतंकवाद ने मानवता को चुनौती दी है। वो मानवीय शक्तियों को नष्ट करने पर तुला हुआ है और इसलिए सिर्फ भारत ही नहीं, विश्व की सभी मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होकर आतंकवाद को पराजित करना ही होगा।
  • किसान, जिन्हें हम सम्मानपूर्वक अन्नदाता कहते हैं, खाद्य प्रसंस्करण में हमारे प्रयासों के केंद्र में हैं। हमने पांच वर्षों के भीतर कृषि से होने वाली आय को दुगुना करने का निश्चय किया है।
  • युवा आकांक्षाओं से परिपूर्ण भारत एक युवा राष्ट्र है। हमारे युवा, भारत और विश्व के लिए काफी कुछ कर सकते हैं।
  • डिजिटल इंडिया से पारदर्शिता आएगी, सेवाओं का आदान-प्रदान प्रभावी होगा और सुशासन की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे।
  • मैं वर्तमान की चिंता में देश के भविष्य को दाँव पर नहीं लगा सकता। हमारा उद्देश्य है – देश के गरीबों के जीवन में बदलाव आए और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • तब भारत छोड़ो का नारा था ….. आज भारत जोड़ो का नारा है।
  • हर भारतीय को इस बात का गर्व है कि भारत विविधताओं वाला देश है।
  • जब मैं एक विकसित भारत के बारे में सोचता हूँ, मैं एक स्वस्थ भारत, विशेष रूप से देश की महिलाओं और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के बारे में सोचता हूँ।
  • खेल से टीम वर्क बढ़ता है। यह हममें दूसरों के योगदान को स्वीकार करने की भावना विकसित करता है। यह जरूरी है कि हम खेल को अपने देश के युवाओं के जीवन का एक अंग मानें।
  • भारत में हम एक ऐसा इको-सिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ भारत के नौजवान ‘रोजगार’ तलाशने वाले (जॉब सीकर) नहीं बल्कि ‘रोजगार बनाने वाले’ (जॉब क्रियेटर) बनें।
  • जल हो, जमीन हो, जीव हो – उनका संरक्षण हमारा संकल्प होना चाहिए।
  • मुझे इस बात की भी चिंता सता रही है कि टेक्नोलॉजी दूरियां कम करने के लिए आई लेकिन उसका दुष्परिणाम ये हुआ कि एक ही घर में छः लोग एक ही कमरे में बैठे हैं लेकिन दूरियां इतनी है कि कल्पना नहीं कर सकते।
  • सत्याग्रह का उद्देश्य था – स्वतंत्रता और स्वछाग्रह का उद्देश्य है – स्वच्छ भारत का निर्माण।
  • जिन लोगों ने गरीबों को लुटा है, उन्हें गरीबों का हक़ वापस लौटाना होगा। देश में ‘ईमानदारी’ के युग की शुरुआत हो चुकी है।
  • हम परीक्षा को जीवन-मरण का सवाल बना लेते हैं, जबकि परीक्षा केवल आपके साल भर की पढाई की है। ये आपके जीवन की कसौटी नहीं है।
  • अगर आप तनाव में हैं, तो सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं, बाहर का अन्दर नहीं जाता, अन्दर का बाहर नहीं आता है। विचार प्रक्रिया में ठहराव आ जाता है, वो अपने आप में एक बोझ बन जाता है।
  • हास्य दूरियां बनाता नहीं बल्कि दूरियों को मिटाता है। और देखा जाए तो आज हमें इसी चीज की आवश्यकता है। हमें लोगों, समुदायों और विभिन्न समाज को आपस में जोड़ने की आवश्यकता है।
  • भारत की शक्ति तीन D में निहित है : 1. डेमोक्रेसी, 2. डेमोग्राफी, 3. डिमांड
  • रेलवे देश को गति और प्रगति देता है।
  • हम पासपोर्ट का रंग नहीं देखते खून का रिश्ता देखते हैं।
  • आज हमारा उद्देश्य एक कुशल भारत बनाना है। भारत के युवा विश्वभर के युवाओं के साथ मुकाबला करने में सक्षम होने चाहिए।
  • मेरा उद्देश्य है- एक ही पीढ़ी में भारत को विकसित देश बनाना।
  • यदि भ्रष्टाचार और कालेधन की बुराई को पहले ही समाप्त कर दिया गया होता तो मुझे वो फैसला नहीं लेना पड़ता जो मैंने 8 नवम्बर 2016 को लिया।
  • हम एक ऐसे देश से सम्बन्ध रखते हैं जो केवल अपने हितों के बारे में सोचता है। हम एक स्वार्थी देश नहीं है। हम भविष्य की पीढ़ियों के बारे में सोचते हैं।
  • स्वच्छता के लिए समर्पित भाव से किया गया प्रयास, यह अगर हमारा स्थायी स्वभाव बन जाए तो हमारा देश कहाँ से कहाँ पहुँच सकता है।
  • आज कम्प्यूटर के युग में प्लेयिंग फिल्द, प्ले स्टेशन से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कम्प्यूटर पर FIFA खेलिए लेकिन बाहर मैदान में तो कभी फुटबॉल के साथ करतब करके दिखाइए। आप कंप्यूटर पर Cricket खेलते होंगे लेकिन खुले मैदान में आसमान के नीचे क्रिकेट खेलने का आनन्द ही कुछ और होता है।
  • हर नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि यह देश मेरा है, मुझे देश के लिए काम करना है और देश की विकास यात्रा में मुझे भी योगदान देना है।
  • हर व्यक्ति भारत की आज़ादी चाहता था लेकिन गाँधीजी ने कुछ हटकर किया – उन्होंने हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि वह देश के लिए काम कर रहा है।
  • इंसान जो एक बार योग से जुड़ता है, योग उसकी जिंदगी का एक आजीवन हिस्सा बन जाता है। योग अंतिम नहीं है, उस अंतिम की ओर जाने के मार्ग का पहला प्रवेश द्वार है।
  • महिला वो शक्ति है, सशक्त है, वो भारत की नारी है, न ज्यादा में न कम में, वो सबमें बराबर की अधिकारी है।
  • आप कितने भी बड़े क्यों न हों, गरीब के हक़ का आपको लौटाना होगा। मैं गरीबों के लिए शुरू की गयी लड़ाई से पीछे हटने वाला नहीं हूँ, मैं फिर वादा करता हूँ।
  • Marks और मार्कशीट का एक सीमित उपयोग है। जीवन में आपके Knowledge काम आने वाला है, Skill काम आने वाली है, आत्मविश्वास काम आने वाला है, संकल्पशक्ति काम आने वाली है।
  • जब आप खुद को पराजित करते हैं, तो और आगे बढ़ने का उत्साह अपने-आप पैदा होता है। नकल आपको बुरा बनाती है इसलिए नकल न करें।
  • एक समाज, एक सपना। एक संकल्प, एक मंजिल। इस दिशा में हम आगे बढ़ें।
  • मैंने लोक लुभावने फैसलों से दूर रहने का प्रयास किया है। हमने सरकार की पहचान से ज्यादा हिन्दुस्तान की पहचान पर बल दिया है।
  • जो खेले, वो खिले। अगर आप खेलते ही नहीं हैं तो आप खिल भी नहीं सकते। और इसलिए खेलना है और व्यक्तित्व का विकास करना है, खुद को खिलते हुए देखना है।
  • युवाओं को अवसर मिले, युवाओं को रोज़गार मिले, ये हमारे लिए समय की मांग है, काम का दायरा जितना बढ़ेगा रोजगार की संभावना उतनी बढ़ेंगी। हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
  • हम अपने देश में कितनी ही प्रगति करें, लेकिन हमें इसके साथ-साथ अपने देश को वैश्विक मानकों पर भी खरा उतरना पड़ेगा।
  • जिस तरह से कॉलोनियज्म से मुक्त करने के लिए सत्याग्रह किया गया था, वैसे ही भारत को गंदगी से मुक्त करने के लिए स्वच्छाग्रह की जरूरत है।
  • अगर किसी ने मुझसे अधिक साफ़-सफाई को आगे बढ़ाया है, तो वह है मीडिया। मीडिया ने इसे बहुत ही सकारात्मक तरह से किया है।
  • भारतीय समुदाय के प्रसार को हम केवल संख्या के तौर पर नहीं बल्कि शक्ति के रूप में देखें।
  • विवादों के निपटारे में सहायक एक वैकल्पिक व्यवस्था देश की पहली जरूरत है क्योंकि इससे न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा बल्कि न्यायालयों का बोझ भी कम होगा।
  • इनोवेटिव बिजनेस मॉडल्स और ऐप आधारित स्टार्टअप्स ने भारतीयों में उद्यमता की भावना पैदा की है। कल की नौकरी मांगने वाले आज के नौकरी देने वाले बन गये हैं।
  • वनों को हमारे जनजाति समुदायों ने बचाया है। जंगलों को बचाना आदिवासी संस्कृति का एक हिस्सा है।
  • हरियाणा की बेटियों ने भारत को बहुत से मौकों पर गौरवान्वित किया है। हरियाणा के हर नागरिक को बालिका बचाने का संकल्प लेना होगा।
  • पर्यटन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे गरीब से गरीब व्यक्ति को आर्थिक अवसर मिलते हैं।
  • मीडिया के कामकाज में सरकार का दखल नहीं होना चाहिए।
  • प्रत्येक व्यक्ति को अपना धन खर्च करने का अधिकार है। कोई भी किसी का धन नहीं ले सकता। हर समय नकदी रखने की आवश्यकता नहीं है। अब लोग मोबाइल प्रोद्योगिकी के द्वारा भी खर्च कर सकते हैं।
  • हमारे गांव, हमारे किसान, छोटे व्यापारी… ये सब हमारे देश की बढती अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तम्भ हैं। मैं उन्हें करेंसी में हुए नए परिवर्तन के फलस्वरूप हुई कठिनाइयों के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए बधाई देता हूँ।
  • आइये हम टेक्नोलॉजी का उपयोग कर कैशलेस समाज को बढ़ावा दें जो सुगम है और सुरक्षित है। मैं अपने व्यापारी भाइयों और बहनों से आग्रह करता हूँ कि आप भी डिजिटल दुनिया से प्रवेश कर तकनीकी क्रांति का हिस्सा बनें।
  • हमने डिमोनेटाईजेशन का निर्णय देश को भ्रष्टाचार और काले धन से मुक्ति दिलाने के लिए लिया है जिससे पिछले 70 साल के लम्बे अन्तराल से इमानदार नागरिक परेशान हैं। यह आसान नहीं था। मैं अपने देशवासियों के अद्भुत संकल्प को सलाम करता हूँ जिन्होंने असुविधाओं के बावजूद इस निर्णय का स्वागत किया।
  • हमने गरीबों के हाथ मजबूत करने के लिए नोट बैन का फैसला लिया। कब तक भारत के गरीब नकद में घर का किराया भुगतान करेंगे। कब तक गरीबों से पूछा जायेगा – आप पक्का बिल या कच्चा बिल चाहते हैं।
  • आपने देखा होगा कि बैंक अधिकारियों और दूसरों को, जो काले धन की बड़ी राशि जमा कर रहे थे वो पकडे जा रहे हैं। वो समझ रहे थे कि वो पीछे के दरवाजे से भाग जाएँगे पर उन्हें ये नहीं पता था कि मोदी ने पीछे के दरवाजे पर भी कैमरा लगा रखा है।
  • यह देश उन वैज्ञानिकों का हमेशा से आभारी रहेगा जिन्होंने अपनी दूरदृष्टि व नेतृत्व के माध्यम से हमारे समाज को सशक्त करने के लिए अथक परिश्रम किया है।
  • गणित में भारतीयों की प्राचीन परंपरा रही है। भारत ने दो हजार से अधिक वर्ष पहले ‘शून्य’ और ‘दशमलव’ प्रणाली की खोज की। यह एक महज संयोग नहीं है कि अब भारतीय सुचना प्रौद्योगिकी और वित्त, ज्ञान के दोनों क्षेत्र जहाँ शून्य एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है में सबसे आगे चल रहे हैं।
  • हास्य हमारे जीवन में खुशियाँ लाता है। हास्य सबसे उत्तम दवा है। मुस्कान या हँसी की शक्ति अपशब्द या किसी अन्य हथियार की शक्ति से अधिक है।
  • परीक्षा को ख़ुशी का एक अवसर मानना चाहिए जो हमें साल भर की मेहनत के बाद मिलता है। यह ऐसा उमंग-उत्साह का पर्व होना चाहिए जिसमें Pressure का नहीं Pleasure का स्थान हो।
  • हमें आजादी की लड़ाई में मरने का सौभाग्य नहीं मिला। लेकिन हमें देश के लिए जीने का और देश सेवा करने का सौभाग्य मिला है।
  • पहले चर्चा हो रही थी कि कितना गया। अब चर्चा ये हो रही है कि कितना आया। यही तो बदलाव है।
  • ‘बेटी बचाव, बेटी पढ़ाओ’ आन्दोलन तेज गति से आगे बढ़ रहा है। आज यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा है, यह एक सामाजिक संवेदना का, लोक शिक्षा का अभियान बन गया है।
  • धीरे-धीरे लोग नकद से निकलकर डिजिटल करेंसी की तरफ बढ़ रहे हैं। भारत में भी डिजिटल ट्रांजेक्शंस बहुत तेजी से बढ़ रहा है। खासकर युवा पीढ़ी अपने मोबाइल से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है।
  • लड़के और लड़कियां दोनों को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • जनशक्ति सरकार की ताकत से बड़ी है।
  • Depression मानसिक और शारीरिक बिमारियों का कारण बन जाता है। जैसे Diabetes हर प्रकार की बीमारी का यमजान बन जाता है वैसे डिप्रेशन भी टिकने की, लड़ने की, साहस करने की, निर्णय करने की, हमारी सारी क्षमताओं को ध्वस्त कर देता है।
  • सवा सौ करोड़ देशवासी अगर संकल्प करें, संकल्प को सिद्ध करने के लिए राह तय करें, एक-के-बाद-एक कदम उठाते चलें तो New India, सवा सौ करोड़ देशवासियों का सपना, हमारी आँखों के सामने सिद्ध हो सकता है।
  • सभी को सपने देखने का अधिकार है पर हमें अपने सपनों को संकल्प का रूप देना होगा। अपने ‘आईडिया’ को बेकार न जाने दें।
  • डॉ. कलाम ने भारत के युवाओं को प्रेरित किया। आज की युवा पीढ़ी प्रगति की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करना चाहती है और युवा जॉब क्रियेटर यानि रोजगार देने वाले बनना चाहते हैं।
  • भारत के युवा देश की समस्या का समाधान निकालना चाहते हैं। वे जल्दी परिणाम चाहते हैं। वे ऊर्जा और उत्साह से लबरेज हैं और ये ऊर्जा देश के लिए बेहतरीन परिणाम लेकर आएगा।
  • कश्मीर के युवाओं के सामने दो रास्ते हैं –एक टूरिज़्म, दूसरा टेरेरिज्म। रक्तपात के रास्ते से न किसी का भला हुआ है और न कभी होगा।
  • ये दिजिधन आन्दोलन एक सफाई अभियान है। यह लड़ाई भ्रष्टाचार के खतरे से है।
  • शाम के समय अपना फुटबाल, वालीबाल या कोई भी खेलकूद का साधन लेकर गरीब बस्ती में चले जाएँ। उन गरीब बालकों के साथ खुद खेलिए। आप देखिएगा शायद ज़िन्दगी में खेल का ऐसा आनन्द पहले कभी नहीं मिला होगा।
  • जिसको हम छोटे काम कहते हैं, कभी-कभी हम वो सीखें! नए प्रयोग, नई 'स्किल' ऐसी है कि आपको आनन्द भी देगी और जीवन को जो एक दायरे में बांध दिया है उससे आपको बाहर निकाल देगी।
  • पढाई और ज्ञान केवल नौकरी के उद्देश्य तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि यह लोगों में सामजिक जिम्मेदारी, राष्ट्र और मानवता की सेवा की आदत विकसित करने वाली होनी चाहिए। यह समाज और राष्ट्र में बुराइयों को समाप्त करने वाली होनी चाहिए। यह शांति के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता के सन्देश के प्रसार का माध्यम होनी चाहिए।
  • आप जैसा बदलाव चाहते हैं उसे देख सकते हैं; जो बनना चाहते हैं बन सकते हैं।
  • जब पूरा देश हमारे जवानों के साथ खड़ा होता है उनकी ताकत 125 करोड़ गुना बढ़ जाती है।
  • * मोदी आराम करने के लिए पैदा नहीं हुआ है। मोदी मेहनत करता है, क्योंकि मोदी के लक्ष्य बहुत बड़े हैं। -- ३ अप्रैल को एक जनसभा में

नरेन्द्र मोदी पर अन्य लोगों के विचार[सम्पादन]

  • मोदी बॉस हैं। -- आस्ट्रेलिया के प्रधानमन्त्री, २०२३ में
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान विष्णु के ग्यारहवें अवतार हैं। -- महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता अवधूत वाघ, २०१८ में
  • नरेंद्र मोदी भगवान के अवतार हैं, जब तक चाहे वे प्रधानमन्त्री रह सकते हैं। -- उत्तर प्रदेश की मन्त्री गुलाब देवी, २०२२ में
  • कांग्रेस द्वारा किए गए अत्याचार, भ्रष्टाचार और देश की संस्कृति के विनाश से बने निराशा के माहौल को खत्म करने के लिए भगवान राम और कृष्ण की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘भगवान के अवतार’ के रूप में जन्म हुआ है। -- मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री और भाजपा नेता कमल पटेल, २०२२ में
  • मोदी और भारत के उत्थान को रोका नहीं जा सकता। -- न्यूसवीक, अप्रैल २०२४ में

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