थॉमस जेफरसन
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थॉमस जेफरसन (13 अप्रैल 1743 – 4 जुलाई 1826) अमेरिका के संस्थापक सदस्य, डिक्लेरेशन ऑफ़ इंडिपेंडेंस (1776) के प्रधान लेखक और संयुक्त राज्य अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति (1801-1809) थे। वे लोकतंत्र के प्रबल समर्थक थे और प्रजातंत्र के सिद्धांतों के सच्चे समर्थक थे।
उक्तियाँ
[सम्पादित करें]- मैं किताबों के बिना नहीं जी सकता।
- जिस काम को आप खुद आज कर सकते है, उसे न तो कल पर टालिए न किसी दूसरे पर।
- आप कौन है? क्या यह सत्य जानते हैं आप। इसो जानने के लिए पूछिए मत, सिर्फ एक्शन लीजिए। क्योंकि आपके कार्य से ही आपके बारे में पता चलता है।
- अगर बात स्टाइल की है तो पानी के बहाव की तरह बहते जाएं। लेकिन अगर बात सिद्धांतों की है तो चट्टान की तरह खड़े रहे।
- जो अहसास एक अच्छे विचार से मिलता है वो करोड़ों रूपए खर्च करके खरीदी गई महँगी वस्तु से नहीं मिल सकता है।
- जब आप कुछ करना चाहते हैं तो उसे यह सोच कर करने का प्रयास करें की पूरी दुनिया आपको देख रही है।
- बुद्धिमत्ता की पुस्तक में ईमानदारी पहला अध्याय है।
- चलने-फिरने या कूदने से अच्छा व्यायाम कोई नहीं है। रोज़ कुछ समय टहलने के लिए खुद को तैयार करें।
- भविष्य को लेकर सपने देखना, अतीत से जुड़े इतिहास से कई ज्यादा सुंदर है।
- इतिहास को पढ़ने से पता चलता है कि सरकार कितनी बुरी होती है।
- थोड़ा गुस्सा हो तो एक से दस तक गिनती करिए। ज्यादा गुस्सा है तो सौ तक की गिनती करने से फायदा होता है।
- कुछ लोगों को गुस्सा बहुत कम आता है, परंतु उनकी चुप्पी बहुत परेशान करती है।
- मेरा पड़ोसी मुझसे कहे कि बीस भगवान हैं या कोई भगवान नहीं है तो इससे मुझे नुकसान नहीं पहुंचता है। इससे न तो मेरा पॉकेट कटता है न ही मेरा पैर टूटता है।
- हर व्यक्ति से विनम्र रहिये लेकिन कुछ लोगों से विनम्र होने का दिखावा करिए।
- विनम्र तो सबके साथ रहें, लेकिन घनिष्ठ कुछ एक के साथ ही।
- गलती करने की बजाय देर करना कहीं अधिक अच्छा होता है।
- जहाँ प्रेस स्वतंत्र है और हर व्यक्ति पढ़ना-लिखना जानता है, वह जगह दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होगी।
- जो काम आप खुद कर सकते है, उसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति को परेशान करने का कोई मतलब नहीं है।
- जिस कार्य में मर्जी शामिल है, उस कार्य को करने में कोई परेशानी नहीं होती है।
- जब कोई अकेले सफर करता है तो उसे ज्यादा जगह देखने का मौका मिलता है।
- पैसे या मौज मस्ती के जीवन से नहीं, लेकिन जो काम करते है उसी से ख़ुशी का अनुभव किया जा सकता है।
- जिस व्यक्ति के दिमाग में कोई मैल नहीं होती है वह सच्चाई के ज्यादा करीब होता है। उस व्यक्ति के अपेक्षा जिसके दिमाग में झूठ या गलत बातें रहती हैं।
- कई लोग बन्दूक या हथियार रखना पसंद करते हैं, लेकिन सपने में भी कभी इनका व्यापार करना नहीं चाहते हैं।
- जो व्यक्ति जितना ज्यादा जानता है, उसे उतना ही ज्यादा जानने की जिज्ञासा होती है।
- दूसरों की सहायता करने से हर व्यक्ति को अच्छा ही महसूस होता है।
- एक बहादुर व्यक्ति की अपेक्षा डरपोक व्यक्ति के झगड़े ज्यादा होते हैं।
- मैं शांतिपूर्ण गुलामी के बजाय खतरनाक स्वतंत्रता को पसंद करता हूँ।
- स्वतंत्रता के वृक्ष को समय-समय पर देशभक्तों और अत्याचारियों के खून से सींचना पड़ता है।
- जब लोग सरकार से डरते हैं, तो अत्याचार होता है। जब सरकार लोगों से डरती है, तो स्वतंत्रता होती है।
- कोई भी स्वतंत्र नागरिक हथियार रखने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
- सही स्वतंत्रता वही है, जिसमें हम अपनी इच्छा से कार्य कर सकते हैं, बशर्ते वह दूसरों के समान अधिकारों में बाधा न बने।
- प्राकृतिक क्रम यही है कि स्वतंत्रता कम होती जाती है और सरकार का प्रभाव बढ़ता जाता है।
- डरपोक लोग स्वतंत्रता के तूफानी सागर के बजाय निरंकुशता की शांति को को पसंद करते हैं।
- जिस ईश्वर ने हमें जीवन दिया है, उसने साथ में स्वतंत्रता भी दी है।
- सबसे अच्छी सरकार वह है, जो सबसे कम शासन करती है।
- अनुभव से सिद्ध हुआ है कि सबसे अच्छी सरकारें भी धीरे-धीरे सत्ता को भ्रष्टाचार की ओर ले जाती हैं।
- मुझे लोगों पर शासन करने की कोई इच्छा नहीं है, यह एक दर्दनाक और कृतघ्न कार्य है।
- लोगों के दो दुश्मन होते हैं, अपराधी और सरकार। इसलिए हमें संविधान की जंजीरों से सरकार को बाँध कर रखना चाहिए, ताकि वह अपराधी न बन जाए।
- जो सरकार आपको सब कुछ दे सकती है, वह सब कुछ आपसे छीन भी सकती है।
- केवल गलती को ही सरकार का समर्थन चाहिए, सत्य अपने आप खड़ा रह सकता है।
- पूरे समाज को शिक्षित और सूचित करना चाहिए, यही स्वतंत्रता की एकमात्र सुरक्षित आधारशिला है।
- शिक्षित नागरिक समाज ही स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
- जो कुछ नहीं जानता वह उस व्यक्ति से अधिक सत्य के निकट है, जिसका मन झूठ और त्रुटियों से भरा हो।
- अगर कोई राष्ट्र अज्ञान और स्वतंत्रता को एक साथ बनाए रखना चाहता है, तो वह असंभव की उम्मीद करता है।
- जो आदमी कुछ नहीं पढ़ता, वह उससे बेहतर शिक्षित है जो केवल अखबार पढ़ता है।
- दस हजार लोगों की राय का कोई मूल्य नहीं, यदि उनमें से कोई भी विषय के बारे में कुछ नहीं जानता।
- सभी मनुष्य समान रूप से उत्पन्न हुए हैं।
- कानून और संस्थानों को मानव मस्तिष्क की प्रगति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
- सरकार का सबसे पवित्र कर्तव्य अपने नागरिकों को समान और निष्पक्ष न्याय देना है।
- अधिकारों का विधेयक हर सरकार के खिलाफ लोगों का अधिकार है।
- जूरी द्वारा मुकदमा ही एकमात्र तरीका है, जिससे सरकार को संविधान के सिद्धांतों पर टिकाया जा सकता है।
- किसी सुख की ओर आकर्षित होने से पहले जान लो कि उसमें कोई जाल तो नहीं है।
- जिस व्यक्ति के पास सही मानसिकता है, उसे कोई भी चीज रोक नहीं सकती।
- क्या आप जानना चाहते हैं कि आप कौन हैं? मत पूछो – कार्य करो, आपका कार्य ही आपकी पहचान बनाएगा।
- शैली के मामलों में धारा के साथ बहो, सिद्धांतों के मामलों में चट्टान की तरह अडिग रहो।
- जो काम आज कर सकते हो, उसे कल पर मत टालो।
- निर्धारित कर लो कि कभी आलसी नहीं बनना है। जो समय को नहीं गंवाता, उसे कभी समय की कमी नहीं होगी।
- किसी व्यक्ति को उन विचारों के प्रचार के लिए धन देने के लिए मजबूर करना, जिनमें वह विश्वास नहीं करता, पापपूर्ण और निरंकुश है।
- मुझे दृढ़ विश्वास है कि बैंकिंग संस्थाएं स्थायी सेनाओं से अधिक खतरनाक हैं।
- मुद्रा जारी करने की शक्ति बैंकों से लेकर जनता को लौटानी चाहिए, जिनकी यह सही से है।
- जब तक पैसा हाथ में न हो, खर्च मत करो।
- मैंने ईश्वर की वेदी पर मनुष्य की मानसिक स्वतंत्रता पर हर प्रकार के अत्याचार के विरुद्ध शपथ ली है।
- हम सत्य का पीछा करने से नहीं डरते और न ही किसी त्रुटि को सहन करने से, जब तक कि तर्क स्वतंत्र रूप से उसका सामना कर सकता है।
- यहां तक कि ईश्वर के अस्तित्व पर भी साहसपूर्वक प्रश्न करो, क्योंकि यदि वह अस्तित्व में है, तो वह आंख मूंद कर भय से नहीं, बल्कि तर्क से किए गए सम्मान को अधिक पसंद करेगा।
- हर पीढ़ी को एक नई क्रांति की आवश्यकता होती है।
- स्वतंत्रता का तूफानी सागर कभी भी लहरों से खाली नहीं होता।
- व्यापारियों का कोई देश नहीं होता।
- मैं भाग्य में विश्वास करता हूँ और मुझे लगता है कि जितनी मेहनत करता हूँ, उतना ही भाग्यशाली हो जाता हूँ।
- सभी देशों के साथ शांति, व्यापार और ईमानदार मित्रता रखें, लेकिन किसी के साथ भी उलझनभरे गठबंधन न करें।
- हम कभी न भूलें कि जो स्वतंत्रता हमें मिली है, वह मुफ्त नहीं थी।