गास्टन बेचेलार्ड

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गास्टन बेचेलार्ड (Gaston Bachelard ; 1884 - 1962 ) - फ्रांस के एक एपिस्टमोलॉजिस्ट और विज्ञान के दार्शनिक थे। उनकी कृतियों ने बाद के फ़्रांसिसी बुद्धिजीवियों के विचारों को काफी प्रभावित किया।

उक्तियाँ[सम्पादन]

  • कोई मूल सत्य नहींं है, केवल मूल त्रुटि है।
  • वैज्ञानिक प्रगति की विशेषता हमारा ज्ञान है।
  • व्यक्ति को हमेशा अतीत से अपना संबंध बनाए रखना चाहिए।
  • जीवन को अच्छी तरह से जीने के लिए जीवन को खराब तरीके से व्यक्त करना पड़ता है।
  • दुनिया के शब्द वाक्य बनाना चाहते हैं।
  • मनुष्य इच्छा का सृजन है, आवश्यकता का सृजन नहीं।
  • एक भूली हुई आग की तरह, एक बचपन हमेशा हमारे भीतर फिर से भड़क सकता है।
  • भाषा में एक विशेष प्रकार की सुंदरता होती है जो भाषा में, भाषा के लिए और भाषा से पैदा होती है।
  • आपका एक शब्द एक कली है जो टहनी बनने का प्रयास करती है।
  • वह कलम है जो सपने पूरा करने का अधिकार देती है, खाली पेज केवल सपने देखने का अधिकार देता है।
  • जब छवि नई होती है, तो दुनिया भी नई होती है।
  • अंतिमता की तुलना में अपूर्णता की स्थिति मेंं रहना बेहतर है।
  • सबसे खूबसूरती से जिंदा महसूस करने का मतलब है कुछ खूबसूरत पढ़ना।
  • हमें कवियों को सुनना चाहिए।
  • साहित्यिक कल्पना एक सौन्दर्यवादी वस्तु है जो लेखक के द्वारा पुस्तकों के प्रेमी को दी जाती है।
  • कविता का महान कार्य हमारे सपनों की स्थितियों को हमें वापस देना है।
  • मैं दुनिया में जितना चतुर हूँ, मैं उतना ही बेहतर हूँ।