ऐ॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम
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अबुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम (१५ अक्टूबर १९३१ - २७ जुलाई २०१५), सामान्य तौर पर डॉ॰ ऐ॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम के रूप में संबोधित, एक भारतीय वैज्ञानिक एवं अभियन्ता थे जो सन् २००२ से २००७ के दौरान भारत के ११वें राष्ट्रपति रहें।
उक्तियाँ
[सम्पादित करें]- कृत्रिम सुख के स्थान पर ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिए।
- विवेक कुमार (१७ सितंबर २०१३), अब्दुल कलाम के विचार, स्पीकिंग ट्री डॉट इन। अभिगमन तिथि : २९ जून २०१६।
- सपने वो नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- बिहार के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है।
- शिक्षण एक बहुत ही महान पेशा है जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता, और भविष्य को आकार देता हैं। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा।
- जो व्यक्ति समय पर बोलने में या सुनने में समर्थ नहीं है,वही वास्तव में मूक एंव वधिर है अर्थात् असमर्थ और असफल है
- यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहीं करेगा।
- अगर मरने के बाद भी जीना है तो एक काम जरूर करना पढने लायक कुछ लिख जाना या फिर लिखने लायक कुछ कर जाना.
- क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है ?
- मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता।
- भारत में हम बस मौत, बीमारी, आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं।
- महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।
- क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है ?
- शिक्षा मानव की सोच को उजाला देने का साधन है।
- शिक्षा वह नींव है जिस पर किसी राष्ट्र का भविष्य खड़ा होता है (स्रोत: प्रज्वलित मन, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2002)
- अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं. मेरा विश्वास है कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे।
- मुझे बताइए , यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं. हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते. क्यों?
- एक अच्छी पुस्तक हज़ार दोस्तों के बराबर होती है जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाइब्रेरी (पुस्तकालय) के बराबर होता है |
- जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती है, बल्कि यह हमारी छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करने आती है, कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो।
- अपनी पहली सफलता के बाद आराम मत करो क्योकि अगर आप दूसरी बार में असफल हो गए तो बहुत से होंठ यह कहने के इंतज़ार में होंगे की आपकी पहली सफलता केवल एक तुक्का थी।
- अपने काम से प्यार करो पर अपनी कार्यस्थल से प्यार मत करो क्योकि आप नहीं जानते की कब आपकी कम्पनी आपको प्यार करना बंद कर दे।
- सफलता की कहानियां मत पढ़ो उससे आपको केवल एक सन्देश मिलेगा। असफलता की कहानियां पढ़ो उससे आपको सफल होने के कुछ विचार मिलेंगे।
- एक मुर्ख जीनियस बन सकता है, यदि वो समझता है कि वो मूर्ख है लेकिन एक जीनियस मूर्ख बन सकता है जब वो समझता है कि वो जीनियस है।
- बारिश की दौरान सारे पक्षी आश्रय की खोज करते है लेकिन बाज़ बादलों के ऊपर उडकर बारिश को ही अवॉयड कर देते है। समस्याएँ कॉमन है, लेकिन आपका एटीट्यूड इनमे डिफरेंस पैदा करता है।
- कभी कभी कक्षा से बंक मारकर मित्रोँ के साथ मस्ती करना अच्छा होता है, क्योंकि आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ तो ये सिर्फ हंसाता ही नहीं है, बल्कि अच्छी यादें भी देता है।
- जिंदगी और समय, विश्व के दो सबसे बड़े अध्यापक है। ज़िंदगी हमे समय का सही उपयोग करना सिखाती है जबकि समय हमे ज़िंदगी की उपयोगिता बताता है।
- किसकी को हराना बहुत आसान है पर किसी को जितना बहुत कठिन है।
- देश का सबसे अच्छा दिमाग, क्लास रूम की आखरी बेंचो पर मिल सकता है।
यदि आप जीवन में चमकना चाहते हैं तो आपको सूर्य की तरह चमकना भी होगा
- जीवन में कठिनाइयाँ हमें आत्मविश्लेषण का अवसर देती हैं (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- जब तुम्हारा सिग्नेचर ऑटोग्राफ में बदल जाए, तब समझो तुम सफल हो (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- यदि हम भारत को विकसित बनाना चाहते हैं, तो हमें अपने मन को प्रज्वलित करना होगा (स्रोत: प्रज्वलित मन, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2002)
- विफलता केवल एक अवसर है, फिर से शुरुआत करने का, इस बार और बुद्धिमत्ता से (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- सोच को बदलना, सफलता की पहली शर्त है (स्रोत: प्रज्वलित मन, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2002)
- जो लोग अपने दिल में ईमानदारी रखते हैं, उन्हें रास्ता स्वयं मिल जाता है (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- भारत के हर कोने में प्रतिभा है, बस उसे प्रज्वलित करने की ज़रूरत है (स्रोत: प्रज्वलित मन, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2002)
- मुझे असफलता से डर नहीं लगता, मुझे डर लगता है कि मैं प्रयास करना छोड़ दूँ (स्रोत: इंडिया टुडे यूथ कॉन्क्लेव, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2008)
- अगर तुम देश के लिए कुछ नहीं कर रहे, तो तुम देश के विकास में बाधा हो (स्रोत: इंडिया टुडे माइंडरॉक्स, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2009)
- आत्म-विश्वास और कड़ी मेहनत से असंभव भी संभव होता है (स्रोत: प्रज्वलित मन, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2002)
- अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलो (स्रोत: अग्नि की उड़ान, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 1999)
- यदि आप कुछ बड़ा सपना देख सकते हैं, तो उसे हासिल भी कर सकते हैं (स्रोत: प्रज्वलित मन, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2002)
- भारत को विकसित राष्ट्र बनाना सिर्फ सपना नहीं, ये हमारा संकल्प होना चाहिए (स्रोत: एनडीटीवी इंटरव्यू, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2005)
बाहरी कडियाँ
[सम्पादित करें]ज्ञान के पीछे भागो, कलाम कहते थे ज्ञान ही सफलता का आधार है। ― ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
ज्ञान के पीछे भागो, कलाम कहते थे ज्ञान ही सफलता का आधार है। ― ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
हम केवल तभी याद किये जायेंगे जब हम हमारी युवा पीढ़ी को एक समृद्ध और सुरक्षित भारत दें, जो आर्थिक समृद्धि और सभ्यता की विरासत का परिणाम होगा। ― ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

