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एपिक्यूरस

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एपिक्यूरस (Epicurus) एक प्राचीन यूनानी तत्त्वज्ञानी और बुद्धिमान व्यक्ति थे। उन्होंने लगभग 307 ई.पू. एक विद्यालय की स्थापना की, जो की तत्त्वज्ञान का एक अत्यधिक प्रभावशाली विद्यालय था। यह सिखाता है कि सबसे इष्‍टतम मामूली सुखों की तलाश करना है, जिसमें शांति की स्थिति प्राप्त करना, भय से मुक्ति और शारीरिक दर्द से छुटकारा पाना है।

विचार

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  • जो आपके पास नहीं है उसकी इच्छा करके जो आपके पास है उसे बर्बाद मत करो। याद रखो कि अब जो आपके पास है वह उन चीजों में से एक है, जिनकी आपको केवल आशा थी।
  • मृत्यु हमें चिंतित नहीं करती, क्योंकि जब तक हम जीवित हैं, तब तक इसका अस्तित्व नहीं है। और जब यह आती है, तब हमारे होने का कोई अर्थ नहीं रहता है।
  • ऐसे तत्त्वज्ञान का कोई मतलब नहीं है जो दूसरों के दुख को कम करने में असमर्थ है।
  • युआओं को ज्ञान पाने के लिए कभीभी धीमा नहीं होना चाहिए और बूढ़ा हो जाने पर बिना थके ज्ञान की तलाश करते रहना चाहिए। आत्मा के दृढ़ता के लिए कोई भी आयु बहुत जल्दी या बहुत देर से नहीं होती है।
  • समस्या जितनी बड़ी होगी, उसे हल करने का स्वाद भी उतना ही मीठा होगा।
  • परेशानी से भरे एक सुनहरे पलंग और एक संपन्न मेज के बजाय यह आपके लिए बेहतर है कि आप एक चटाई पर लेटे हुए भय से मुक्त रहें।
  • तूफान का सामना करने के बाद ही कोई अच्छा कप्तान बन सकता है। यानी अपने काम में आगे बढ़ने के लिए समस्याओं का सामना करना सबसे महत्वपूर्ण है।
  • बिना समझदारी और न्यायपूर्ण जीवन जीते हुए एक सुखद जीवन जीना असंभव है। और एक सुखद जीवन जीने के बिना समझदारी और न्यायपूर्ण जीवन असंभव है।
  • कानून एक ऐसी प्रणाली है जिसमें आप किसी को पीड़ा नहीं पहुंचाते हैं और न ही आप किसी को पीड़ा पहुंचाने की अनुमति देते हैं।
  • एक अच्छा जीवन जीना या अच्छे तरीके से मरना दोनों एक समान कला है।
  • उन चीजों के लिए भगवान से प्रार्थना करना निरर्थक है जिसे आप खुद प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
  • उस व्यक्ति के लिए कुछ भी बहुत ज्यादा नहीं है जिसके लिए ज्यादा का अर्थ ही कम हैं।
  • उसी समय आप अपने साथ समय बिताना चाहते हैं जब आपको कई लोगों के साथ रहने के लिए कहा जाता है।
  • यह जरूरी नहीं कि दोस्त मदद के लिए आगे आएं। बल्कि यह विश्वास होना जरूरी है कि जब भी जरूरत होगी दोस्त मदद के लिए आगे आएंगे।
  • एक व्यक्ति जो कुछ चीजों से संतुष्ट नहीं होता है वह जीवन में कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकता है।
  • हम हर तरह की बुराई से अपनी रक्षा कर सकते हैं। लेकिन मौत की तुलना एक ऐसे शहर से की जाती है, जहां घरों में दीवारें ही नहीं हैं।
  • जो व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, वह सभी प्रकार की जटिलताओं से दूर रहता है, लेकिन जो व्यक्ति गलत तरीके से आगे बढ़ता है, उसका जीवन सदैव समस्याओं और जटिलताओं से घिरा रहता है।
  • यदि आप संतुष्ट हैं, तो आप दुनिया के सबसे अमीर लोगों में गिने जाएंगे।
  • हमारे पास क्या है वह मायने नहीं रखता है, लेकिन जो मायने रखता है वह यह की हमे किन चीजो से खुशी का एहसास होता है।
  • दोस्ती एक ऐसी कला है जो पूरी दुनिया में घूमती है, नाचती है और बताती है कि हमें दोस्त बनाना चाहिए। लोगो से जुड़ा होना चाहिए।
  • अगर आप संतुष्ट हैं तो आप मुक्त रहेंगे। मुक्ति संतोष का फल है।
  • एक समझदार व्यक्ति का दुर्भाग्य मूर्ख व्यक्ति की समृद्धि से कहीं बेहतर है।
  • जो तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। उसे यह कहकर बेरंग न करें की आपके पास क्या नहीं है।
  • यदि परमेश्वर मनुष्यों की प्रार्थना सुनना शुरू कर देता है, तो सभी मनुष्य जल्द ही नष्ट हो जाएंगे क्योंकि वे हमेशा एक-दूसरे के दुर्भाग्य के लिए प्रार्थना करते हैं।
  • एक बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा एक प्रसन्न और सुशील दोस्त का चयन करता है।

इन्हें भी देखें

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