अली सिना
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अली सिना इरान में जन्में कनाडाई पूर्व-मुसलमान तथा इस्लाम के आलोचक हैं। वे 'फेद फ्रीडम इन्टरनेशनल' के संस्थापक है।
विचार
[सम्पादित करें]- फिलीस्तीन से कश्मीर, फिलीपीन्स से चेचेन्या, और सोमालिया से नाइजीरिया तक, इस पृथ्वी पर हर कहीं मुसलमान ही विविध घृणित कर्म करने वाले और आक्रामक हैं। जब कि साथ ही वही खुद को पीड़ित बताते हैं। … एक अरबी कहावत है, ‘उस ने मुझे मारा, और रोने-चिल्लाने लगा। फिर वह आगे गया और मुझ पर ही पीटने का आरोप लगाया!’ यही मुहम्मद की सारी कार्रवाइयों का तरीका था। इसी तकनीक ने उन्हें चमत्कारिक रूप से सफल बनाया, और इसी से उन्होंने समाज के ताने-बाने को तहस-नहस कर डाला। इसी तकनीक से उन्होंने संपूर्ण अरब पर अधिकार कर लिया।
- मुझे 'मुस्लिम' शब्द बहुत ही अपमानजनक लगता है। यह मूर्ख, बर्बर, ठग, अहंकारी, दिमागी तौर पर मृत, ज़ोंबी, गुंडे, बेशर्म, वहशी और कई अन्य घृणित चीज़ों का पर्याय है। मैं नहीं जानता कि यह अत्यंत घृणित शब्द आपके भीतर भी वही अर्थ उत्पन्न करता है या नहीं। इसलिए जब मैं किसी के प्रति अपना तिरस्कार दिखाना चाहता हूं तो मैं उसे 'मुस्लिम' कहता हूं। लेकिन मुसलमान मूर्ख होने के कारण ये सब बातें नहीं जानते और इस नाम पर गर्व करते हैं। यह एक जीत/जीत की स्थिति (win-win situation) है क्योंकि मैं उनका अपमान करता हूं और वे खुश होते हैं और इसके लिए मुझे धन्यवाद देते हैं। क्या वे स्मार्ट नहीं है? -- Attributed to Ali Sina by SMH.com.au. O'Malley, Nick (27 January 2017). "One Nation, Australia's portal to Trump and the alt-right" (in en). The Sydney Morning Herald. Retrieved on 2 October 2021.
- कुरान पढ़ने के बाद मुझे भारी अवसाद ने घेर लिया। यह सब स्वीकार करना कठिन था। सबसे पहले मैंने कुरान की स्पष्ट आयतों (apparent verses ) और उनके गूढ़ अर्थ (esoteric meanings) की तलाश को को नकारना शुरू किया। लेकिन यह संभव नहीं हो सका। सबूत का वजन बहुत बड़ा था। मुझे पता चला कि खुमैनी का यह कहना सही था कि तालिबान असली इस्लाम में विश्वास करते हैं तथा मैं जिस इस्लाम के बारे में सोचता था वह बिल्कुल भी असली इस्लाम नहीं था। मुझे पता चला कि इस्लाम नफरत के अलावा कुछ नहीं सिखाता। इस्लाम का पूरा संदेश बिना किसी सबूत के एक अल्लाह पर विश्वास करना है, एक ऐसा अल्लाह जो तर्क से घृणा करता है, जो निर्दोष लोगों की हत्या करना पसंद करता है, जो यातना देने में माहिर है, जो निर्दयी है, और जो वह उस ब्रह्मांड के बारे में प्राथमिक वैज्ञानिक तथ्य नहीं जानता जिसे उसने कथित तौर पर बनाया था। इसे पचाना कठिन था, और मैं जो सीखने आया था उसे स्वीकार नहीं करना चाहता था।
- बाद में, जब मैंने हदीस का अध्ययन करना शुरू किया, तो मुझे कई और भयानक तथ्य मिले जो मैंने पहले कभी नहीं सुने थे। उदाहरण के लिए, मुझे पता चला कि मेरे प्रिय पैगंबर आधी रात में अपने विरोधियों को आतंकित करने के लिए हत्यारों को भेजते थे, और उन्हें झूठ बोलने और यदि आवश्यक हो तो धोखे से काम करने के लिए कहते थे। मुझे पता चला कि उन्होंने एक 120 वर्षीय व्यक्ति की हत्या का आदेश दिया था जिसका एकमात्र अपराध था कि उसने पैगंबर का उपहास करते हुए एक गीत गाया था। उनके द्वारा पीड़ित व्यक्तियों में से एक कवयित्री थी, जो पाँच छोटे बच्चों की माँ थी, जिसका अपराध भी उस बूढ़े व्यक्ति की हत्या के लिए मुहम्मद की निंदा करते हुए कविता लिखना था। हत्यारा इस महिला के घर में घुसा और अपनी तलवार उसकी छाती में घोंप दी, जब वह अपने बच्चे को अपनी बगल में दूध पिलाते हुए सो रही थी। और अगले दिन अल्लाह के दूत ने हत्यारे की प्रशंसा की।
अली सिना के बारे में विचार
[सम्पादित करें]इरान में जन्मे कनाडा निवासी पूर्व-इस्लामी अली सीना बताते हैं कि एक 'सुनहरा नियम' है जो हर धर्म के मूल में है - कि हम दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा हम अपने साथ होना चाहते हैं। इस्लाम में, यह नियम केवल साथी मुसलमानों पर लागू होता है, लेकिन काफिरों पर नहीं। अली सीना कहते हैं, 'मैं इस्लाम के खिलाफ इसलिए नहीं हूं कि यह एक मजहब है, बल्कि इसलिए क्योंकि यह मजहब की आड़ में साम्राज्यवाद और वर्चस्व की एक राजनीतिक विचारधारा है। चूंकि इस्लाम 'स्वर्णिम नियम' का पालन नहीं करता, इसलिए हिंसक लोग इसकी ओर आकर्षित होते हैं। -- गीट वाइल्डर्स का भाषण। PVV.nl (बर्लिन, 3 अक्टूबर, 2010)।