E = mc²
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E = mc²
[सम्पादित करें]E = mc² दुनिया का सबसे प्रसिद्ध समीकरण है, जिसे अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1905 में विशेष सापेक्षता सिद्धांत के भाग के रूप में प्रस्तुत किया था। यह समीकरण ऊर्जा (E), द्रव्यमान (m), और प्रकाश की गति (c) के बीच के संबंध को दर्शाता है।
उद्धरण
[सम्पादित करें]- "E = mc² ने हमें यह सिखाया कि द्रव्यमान और ऊर्जा दो अलग-अलग चीज़ें नहीं बल्कि एक ही चीज़ के दो रूप हैं।" — अल्बर्ट आइंस्टीन
- "यह समीकरण भौतिकी का ताज है — सरल, गहरा और ब्रह्मांड के रहस्यों से परिपूर्ण।"
- "इसने विज्ञान की दिशा को बदल दिया — परमाणु ऊर्जा, ब्रह्मांड की उत्पत्ति और कण भौतिकी सभी इसी पर आधारित हैं।"
- "द्रव्यमान में छिपी हुई ऊर्जा की कल्पना इस एक समीकरण ने वास्तविकता में बदल दी।"
- "अगर ब्रह्मांड के नियमों को एक पंक्ति में समेटना हो, तो वह है: E = mc²"
देखिए
[सम्पादित करें]- अल्बर्ट आइंस्टीन
- सापेक्षता का सिद्धांत
- ऊर्जा
- द्रव्यमान
- प्रकाश की गति
स्रोत
[सम्पादित करें]- आइंस्टीन, अल्बर्ट (1905)। "On the Electrodynamics of Moving Bodies" (विशेष सापेक्षता सिद्धांत)।
- ऐतिहासिक भौतिकी पत्रिकाएँ और विकिपीडिया लेख।