हिंदी ग्रामीण कहावतें
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हिंदी ग्रामीण कहावतें
[सम्पादित करें]परिचय
[सम्पादित करें]भारत के गाँवों में जन-जन के बीच प्रचलित कहावतें सदियों से जीवन के अनुभवों का निचोड़ रही हैं। ये कहावतें सटीक, व्यावहारिक और सांस्कृतिक रूप से गहराई लिए होती हैं।
उद्धरण
[सम्पादित करें]- "नदी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं करते।"
- "जेठ की लू, और बात की दू – दोनों जब लगे, तब बचना मुश्किल।"
- "जिसका काम उसी को साजे, और करे तो डोले बाजे।"
- "बिन पानी पियासी धरती, बिन ज्ञान अंधेरी मति।"