सुन्दा मुर्ति
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सुन्दा मुर्ति
[सम्पादित करें]सुंदा मुर्ति (Sudha Murthy) एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, लेखिका, और समाजसेवी हैं। वे टी.वी. संस्कार, मानवता और सरल जीवन शैली पर आधारित उद्धरणों के लिए प्रसिद्ध हैं।
संक्षिप्त जीवन परिचय
[सम्पादित करें]सुंदा मुर्ति (जन्म: 19 अगस्त 1950) भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक और कम्प्यूटर वैज्ञानिक हैं। वे इंफोसिस के सह-संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति की पत्नी हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उद्धरण
[सम्पादित करें]- ”ज़िंदगी में हार मत मानो, क्योंकि तुम जितने से डरते हो, वह असल में हार है।”
- ”छोटी-छोटी खुशियों को महसूस करने से जीवन में सच्चा सौंदर्य मिलता है।”
- ”ज्ञान सबसे कीमती धन है, जो कोई कभी नहीं चुरा सकता।”
- ”सेवा करना जीवन की असली पूँजी है।”
- ”सफलता का माप सिर्फ धन से नहीं, बल्कि मानवता के साथ जुड़ने से होता है।”
- ”किताबें हमें वह आख़िरी दोस्त देती हैं जो हमेशा साथ रहता है।”
- ”जब तक हम लिखना या पढ़ना बंद नहीं करते, तब तक मेरा अध्यापन खत्म नहीं होता।”
संदर्भ
[सम्पादित करें]- मुर्ति, सुंदा (2018). *हमारी कहानियाँ*. पब्लिशिंग गृह
- “ज़िंदगी में हार मत मानो…” — ट्वीट/लोकल साक्षात्कार, 2017
- “छोटी-छोटी खुशियों…” — Munshi Premchand Fellowship Speech, 2015