यति नरसिंहानन्द सरस्वती
यति नरसिंहानन्द सरस्वती एक उग्र हिन्दू सामाजिक विचारक एवं सन्त हैं। वे जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं।
मेरठ में जन्मे और पले-बढ़े नरसिंहानंद का असली नाम दीपक त्यागी है। उन्होंने हापुड़ के चौधरी ताराचंद इंटर कॉलेज से पढ़ाई की और 1989 में केमिकल टेक्नोलॉजी में डिग्री के लिए मास्को चले गए और 1997 तक वहां नौकरी की। भारत लौटने के बाद, 1998 में उन्होंने संन्यास ले लिया और अपना नाम बदलकर दीपेंद्र नारायण सिंह कर लिया। बाद में वो यति नरसिंहानंद सरस्वती बन गए। 2007 में वह डासना देवी मंदिर के मुख्य पुजारी बन गए। धर्म परिवर्तन कर हिन्दू बने जीतेंद्र त्यागी (उर्फ वसीम रिजवी) उनके ही शिष्य हैं।
यति नरसिंहानन्द 'अखिल भारतीय संत परिषद्' के अध्यक्ष हैं और साथ ही 'हिन्दू स्वाभिमान' नामक संस्था भी चलाते हैं। हिन्दू युवाओं और बच्चों को आत्मरक्षा के प्रशिक्षण के लिए 'धर्म सेना' का भी गठन उन्होंने किया।
विचार
[सम्पादित करें]- मैंने मॉस्को में रहते हुए रूसियों से बहुत कुछ सीखा। मैंने रूसियों से लड़ना और अपनों के लिए मर-मिटना सीखा है। रूस एक ऐसा देश है जो कभी गुलाम नहीं रहा। जो लोग कभी गुलाम नहीं रहते उनकी और हमारी भावनाओं और सोचने के तरीके में ज़मीन आसमान का फ़र्क होता है। हिन्दुओं को आज़ाद देश के नागरिकों से सीख लेनी चाहिए।
- उनसे मुझे पता चला कि इस्लाम कुछ अलग सोचता है। मुसलामानों की सोच जानने के लिए मैंने कुरान पढ़ी। मुझे आश्चर्य हुआ कि कुछ लोग इन कलमों पर विश्वास करते हैं। मैं मस्जिद और मदरसों में गया। वहां मैंने इस्लाम को समझना शुरू किया। मुझे समझ आया इस्लाम कैंसर है. अगर इसे धरती से उजाड़कर नहीं फेका गया तो यह धरती को बंजर कर देगा। तभी मैंने इस्लाम की सच्चाई को दुनिया के सामने लाने का प्रण लिया। मैंने मोहम्मद को बेनकाब किया. आज बहुत सारे लोग मेरे कारण इस्लाम की सच्चाई को समझने का प्रयास कर रहे हैं। उनके लिए मैं प्रेरक बना जिसके कारण उनके मन में इस्लाम को जानने की जिज्ञासा उठी।
- मैंने इस्लाम बारीकी से पढ़ा और उनकी योजनाओं को समझा है। मैं एक मुसलमान की तरह सोचता हूँ। अगर मैं गीता को नहीं पढ़ रहा होता तो हर चीज़ मैं मुसलामानों की तरह कर रहा होता।
- अगर आप किसी मुसलमान से जिहाद का मतलब पूछते हैं तो वो संघर्ष की बातें बोलता है। लेकिन असल में जिहाद दुनिया से सभी काफिरों को खत्म करने की प्रक्रिया को कहते हैं। मोहम्मद एक बात कहकर गए हैं। जिहाद अगर ज़मीन पर नहीं चल रहा है तो भी जिहाद मोमिन के दिमाग में होना चाहिए। अगर उसे लड़ने का मौका नहीं भी मिल रहा है तो उसके दिमाग में लड़ाई होनी ही चाहिए।
- भारत में जितने भी मुसलमान रह रहे हैं, उनको 1947 के बटवारा की शर्त के अनुसार, पाकिस्तान या बांग्लादेश भेजा जाए।
- देश को बचाना है तो सबसे पहले इस संविधान को कूड़े में डालना होगा। हमें संविधान ने बर्बाद किया है।
- महात्मा गांधी हिंदुओं की मौत के जिम्मेदार हैं। महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता ना कहा जाए इसके लिये मैं याचिका डालूंगा।
- जिसने (नाथूराम गोडसे) गांधी का कत्ल किया था, मैं उसे देवता स्वरूप मानता हूं। वे मेरे लिए प्रात: स्मरणीय हैं मैं उन्हें रोज नमन करता हूं। पूरी दुनिया के नेता हिंदुओं की हत्या का षडयंत्र रच रहे हैं। राजनीतिक शक्तियां उनके साथ हैं। हमें योगी-मोदी से उम्मीद नहीं हैं। महात्मा गांधी की जिस पिस्तौल से हत्या हुई वह योगी के दादा गुरु (महंत दिग्विजयनाथ) ने दी थी। गोरक्षपीठ से पिस्तौल गई थी।
- हथियार उठाए बिना धरती की कोई कौम नहीं बच सकती।
- मेरा जीवन संघर्ष से भरा रहा। मुझे परिवार की तरफ से किसी तरह से सहयोग नहीं मिला। परिवार ने मेरा बहिष्कार कर दिया। मेरी मां कुछ दिनों में चल बसी थी. मुझे इतना पढ़ाने के बाद भी मैं साधू बनने की ओर निकल गया। इस बात से मेरी मां परेशान रहती थी। उन्हें लगता था मैं जो कर रहा हूं वो कोई काम नहीं है।
- जो अधर्मी आपके परिवार और धर्म के खिलाफ हो उसे मार दो। यदि तुम मारे गए तुम्हे स्वर्ग मिलेगा, जीते तो सारी धरती तुम्हारी है ही। इसलिए खड़े हो जाओ और युद्ध की तैयारी करो. गीता में यह सब लिखा है। वह धर्मयुद्ध का आदेश देती है। जब कुरान पढ़ेंगे तब पता चलेगा कुरान गीता की ही भद्दी नक़ल है। उसमें शब्दों का फेरबदल कर के अर्थ का अनर्थ कर दिया गया है।
- हिन्दू ज्यादा बच्चे पैदा करें नहीं तो मुसलमान उनके घरों पर कब्जा कर लेंगे।
- 2029 में कोई मुसलमान भारत का प्रधानमंत्री न बन जाय, और हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर मुसलमानों की हत्या भी करनी पड़ेगी। (दिसम्बर २०२१, हरिद्वार के धर्म संसद में)
- अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बना तो 20 साल में 50 फीसदी हिंदुओं का धर्मांतरण कर दिया जाएगा।[१]
- इस्लाम और कट्टरवादी इस्लाम में कोई अंतर है ही नहीं। इस्लाम कट्टरपंथी ही है। सॉफ्ट इस्लाम जैसा कुछ होता ही नहीं है। इस्लाम सिर्फ मुहम्मद के बताए रास्ते पर चलता है। मुस्लिमों को मुहम्मद के विचार और शिक्षाओं का अनुसरण करना होता है। इस्लाम इस दुनिया के सभी धर्मों के लिए एक खतरा है। पिछले 1400 वर्षों में इस्लाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। बल्कि यह आज और खतरनाक हुआ है।
- इस्लाम को धरती से मिटा देना चाहिए... सभी मुसलमानों को समाप्त कर देना चाहिए।
- आज हम जिन्हें मुसलमान कहते हैं, उन्हें प्राचीन काल में राक्षस कहा जाता था।
- मुसलमानों को मारने के लिए तलवार की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि तलवार से आपसे वो मरेंगे भी नहीं। आपको टेकनीक में उनसे आगे जाना होगा।
- मैं हिन्दू महिलाओं और बच्चों की रक्षा करने के लिए आवाज उठा रहा हूँ। हमारे बच्चों और महिलाओं को भी जीने की आजादी है लेकिन यदि कोई मजहब यह सोचता है कि वह हमारी महिलाओं और बच्चों को डरा सकता है तो मैं यह काभी भी बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं इसके विरुद्ध आवाज उठाता रहूँगा।
- बांग्लादेश में हिंदू भाई-बहन मारे गए लेकिन नेताओं ने एक ट्वीट तक नहीं किया। मैं कुछ नहीं कर सकता, अपनी गर्दन कटवा सकता हूं। रामगिरी जी महाराज के लिए लाखों मुसलमान इकट्ठे हुए मुंबई में। मैं कहता हूं मुंबई छोड़ो डासना के मंदिर में आओ, नरसिंहानंद तुम्हारे स्वागत को तैयार है। रामगिरी जी ने तो कुछ नहीं कहा जो मैं तुम्हें बताने वाला हूं। पाकिस्तान का मौलाना तारिक मसूद खुलेआम कहता था कि मोहम्मद की गुस्ताखी की बात सुनो तो गर्दन काट दो। अब अपनी गर्दन बचाने को घूम रहा है। याद रखना इजरायल ने लड़ाई लड़ी थी युद्ध के रूप में लेकिन वैचारिक युद्ध कहीं से शुरू हुआ तो वह डासना के देवी मंदिर से । --
- आज मैं केवल एक व्यक्ति के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हम हर साल जलाते हैं मेघनाद को... मेघनाद जैसा चरित्रवान व्यक्ति इस धरती पर दूसरा पैदा नहीं हुआ। हम हर साल जलाते हैं कुंभकर्ण को...। कुंभकर्ण जैसा वैज्ञानिक योद्धा इस धरती पर पैदा नहीं हुआ। कुंभकर्ण के जैसा चरित्रवान व्यक्ति और उनकी गलती क्या थी, रावण ने एक छोटा सा अपराध किया और आज लाखों साल हो गए, हम रावण को जला रहे हैं। अब तो ऐसे-ऐसे अपराधी पैदा हो गए हैं, जिनके सामने रावण का कोई अस्तित्व नहीं है। ... आज यदि जलाना है तो मोहम्मद का पुतला जलाइये। (अक्तूबर २०२४)[२]
- परिवार को बड़ा करो, वरना दो-दो रुपये में बिकोगी। एक बेटे का पागलपन छोड़ो, कम से कम दो-तीन बेटे और एक बेटी होनी चाहिए।...ये (मुसलमान) एक दिन आपको मारकर घरों पर कब्जा करेंगे, बहन-बेटियों को मंडियों में बेचेंगे, रेप करेंगे और रखैल बनाएंगे।
- तिरंगे का बहिष्कार करो। हर हिन्दू के घर पर तिरंगा ध्वज होना चाहिये।