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मार्कस ऑरेलियस

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मार्कस ऑरेलियस (26 अप्रैल 121 – 17 मार्च 180 ई०) रोम का सम्राट था जिसने १६१ से १८० ई॰ तक शासन किया। वह उन पाँच सम्राटों में अन्तिम सम्राट था जिन्हें 'पाँच अच्छे सम्राट' कहा जाता है। वह स्टोइक दर्शन का अभ्यासी था। उसने बिना शीर्षक के एक पुस्तक की रचना की थी जिसे आजकल 'मेडिटेशन्स' (Meditations) नाम से जाना जाता है।

  • हमारे जीवन की खुशी हमारे विचारों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
  • आपको अपनी सोच पर अधिकार है, बाहरी घटनाओं पर नहीं। इस बात को समझें और आपको अपनी शक्ति मिल जाएगी।
  • दूसरों के प्रति सहिष्णु रहें। स्वयं के प्रति कठोर रहें।
  • सबसे अच्छा बदला यह है कि आप अपने दुश्मन की तरह न बनें।
  • हर वह चीज़ जो हम सुनते हैं, वह एक राय है, तथ्य नहीं। हर वह चीज़ जो हम देखते हैं, वह एक दृष्टिकोण है, सत्य नहीं।
  • मृत्यु हमें मुस्कुराती है, और हम केवल इतना ही कर सकते हैं कि उसे देखकर वापस मुस्कुरा दें।
  • यदि यह सही नहीं है, तो इसे न करें; यदि यह सच नहीं है, तो इसे न कहें।
  • इंसान का मूल्य उसकी महत्त्वाकांक्षाओं के मूल्य से अधिक नहीं होता।
  • अतीत और भविष्य से परेशान न हों; केवल वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करें।
  • ब्रह्मांड परिवर्तन है; हमारा जीवन वही है जो हमारे विचार इसे बनाते हैं।
  • सुबह जब आप उठें, तो सोचें कि जीवित रहना, सोचना, आनंद लेना और प्रेम करना कितना अनमोल सौभाग्य है।