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मन्दिर

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मन्दिर का शाब्दिक अर्थ 'घर' होता है किन्तु वास्तव में यह 'देव मन्दिर' या 'देवालय' के लिये प्रयुक्त होता है। जैसे शिव-मन्दिर=शिवालय=शिव का घर।

  • सामान्यतः मन्दिर 'पूजा का एक स्थान' है। इसे 'हरि मन्दिर' भी कहते हैं। किन्तु हिन्दू के लिये यह पूजा का स्थान और हरि का घर होने के अलावा भी बहुत कुछ है। यह लघु रूप में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड भी है। -- स्वराज प्रकाश गुप्त, एलिमेन्ट्स ऑफ आर्ट्स (2002)

मन्दिरों का विध्वंस

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  • मेरे विचार से मुसलमानों को एक मस्जिद के अपवित्रीकरण पर शिकायत करने का लेश मात्रा भी अधिकार नहीं है। 1000 ई. से, काठियावाड़ से लेकर बिहार तक, हिमालय से लेकर विंध्य तक, हर हिंदू मंदिर को लूटा और बर्बाद किया गया। पूरे उत्तर भारत में एक भी मंदिर बचा नहीं... मंदिर केवल वहीं नष्ट होने से बच गए जो घने जंगलों आदि में स्थित थे और जहाँ मुस्लिम सत्ता पहुँच नहीं पाई। अन्यथा यह बर्बरता का एक निरंतर काल था। कोई भी राष्ट्र, चाहे वह कितना भी स्वाभिमानी क्यों न हो, इसे माफ़ नहीं करेगा। उन्होंने हमारी महिलाओं का अपहरण किया और उन्होंने जजिया कर भी लगाया। हम यह सब क्यों भूलें और क्यों माफ़ करें? अयोध्या में जो हुआ, वह न होता, यदि मुसलमानों ने इस ऐतिहासिक तर्क को एक बार भी स्वीकार कर लिया होता। तब हम कह सकते थे: ठीक है, जो बीत गया सो बीत गया और देखते कि हम इस समस्या का सबसे अच्छा समाधान कैसे निकाल सकते हैं। -- नीरद चन्द्र चौधुरी, संडे टाइम्स ऑफ इंडिया, 8 अगस्त, 1993 ; संपादक दिलीप पडगांवकर को दिए एक साक्षात्कार में