मदिरा
दिखावट
(मद्यपान से अनुप्रेषित)
मदिरा, मद्य या शराब।
उद्धरण
[सम्पादित करें]- एकतः सर्वपापानि मद्यपानं तथैकतः।
- एकतः सर्वदानानि ब्रह्मचर्यं तथैकतः॥ -- महासुभाषितसंग्रह
- तराजू के एक पलड़े पर सभी पाप हों और दूसरे पर केवल मद्यपान हो, तो दोनों बराबर हैं।
- एक तरफ सभी दानों (का पुण्य) हों और दूसरी तरफ ब्रह्मचर्य का पुण्य, तो दोनों बराबर हैं।
- शराब शरीर और आत्मा दोनों का नाश करती है। -- महात्मा गाँधी
- जब आदमी तीसरा प्याला लेता है, तो मदिरा आदमी को पीती है। -- Hokekyō Sho, एक बौद्ध संस्कृत ग्रन्थ
- जब शराब अन्दर जाती है तो सत्य बाहर आता है। -- Charles Dickens, Nicholas Nickleby, Chapter 27. (1838)
- जब शराब अन्दर जती है तो बुद्धि बाहर आती है। -- Thomas Becon, Catechism, 375
- मदिरा में सत्य है। -- रोमन कहावत