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भारत का विभाजन

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अगस्त १९४७ में भारत को स्वतन्त्र घोषित करने के साथ ही अंग्रेजों ने भारत के दो टुकड़े कर दिये और भारत से पाकिस्तान नामक एक अन्य देश बनाकर अलग कर दिया। इसे ही भारत का विभाजन कहते हैं। 14 अगस्त को पाकिस्तान अधिराज्य (बाद में जम्हूरिया ए पाकिस्तान) और 15 अगस्त को भारतीय संघ (बाद में भारत गणराज्य) की संस्थापना की गई। इस घटनाक्रम में मुख्यतः ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रान्त को पूर्वी पाकिस्तान और भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में बाँट दिया गया और इसी तरह ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रान्त को पश्चिमी पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त और भारत के पंजाब राज्य में बाँट दिया गया।

उक्तियाँ

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  • कांग्रेस के नेताओं ने सत्ता के लोभ में विभाजन करवाया। -- योगेन्द्र नाथ मंडल, बीरभूम के उत्तर तिलपाड़ा शिविर में
  • कांग्रेस ने साम्प्रदायिकता से संघर्ष नही किया और उसके मूल कारणों को नहीं समझा जिससे मुस्लिम लीग और जिन्ना मजबूत होते गए। कांग्रेस स्वतंत्रता की चेतना का प्रसार तो कर सकी परन्तु राष्ट्र से नहीं जोड़ सकी खासकर मुसलमानों को। यह कांग्रेस की बड़ी कमजोरी थी। -- विपिन चन्द, 'भारत का स्वतंत्रता संग्राम' में पृष्ट 353, 387,395 पर
  • कलकत्ता के नोआखली नरसंहार में कई हिन्दुओ की हत्याएं हुई, सैकड़ों ने इस्लाम कबूल लिया । हिंदू महिलाओं का बलात्कार और अपहरण किया गया । लेकिन फिर भी मैंने मुस्लिम लीग के साथ सहयोग जारी रखा। पाकिस्तान के अस्तित्व में आने बाद दलितों पर अत्याचार काफी बढ़ गए हैं। कई बार इस ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हत्या और अत्याचार आम हो गया है। मैंने अपने आप से पूछा, 'क्या मै इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान आया था। -- योगेन्द्र नाथ मंडल
  • विभाजन के बाद पूर्वी बंगाल के 5 लाख हिन्दुओ को देश छोड़ना पड़ा है। पूर्वी पाकिस्तान के साथ पश्चिमी पाकिस्तान में भी ऐसे ही हालात हैं। बटवारे के बाद पश्चिमी पंजाब में 1 लाख पिछड़ी जाति के लोग रह रहे थे, उनमे से ज्यादातर को बलपूर्वक इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया है। मुझे जानकारी मिली है 363 मंदिरों और गुरूद्वारे मुस्लिमों के कब्जे में हैं । इनमे से कुछ को मोची की दुकान, कसाईखाना और होटलों में बदल दिया है। इसलिए मैं झूठे दिखाबे और असत्य के बोझ को अपनी अंतरात्मा पर नहीं लाद सकता हूं और अपना इस्तीफा आपको सौंप रहा हूँ। -- योगेन्द्र नाथ मंडल
  • मैं यहाँ अपने दृढ़ विश्वास को दोहराना चाहता हूँ कि पूर्वी पाकिस्तान की सरकार अभी तक हिंदुओं को प्रांत से खदेड़ने की नीति पर चल रही है। मुझे ये कहना पड़ रहा है कि पश्चिम पाकिस्तान से हिंदुओं को भगाने की नीति पूरी तरह से कामयाब रही है और पूर्वी पाकिस्तान में भी ये कामयाबी की तरफ़ बढ़ रही है। -- योगेन्द्र नाथ मंडल

इन्हें भी देखें

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बाहरी कड़ियाँ

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