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भारतीय शिल्पकार

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भारतीय शिल्पकार

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चुपचाप मिट्टी, लकड़ी, धातु, और धागों में जान डालने वाले शिल्पकार हमारी संस्कृति के असली रक्षक हैं। उनका कार्य बोलता नहीं, लेकिन पीढ़ियों तक जीवित रहता है।

  • "जो अपने हाथों से इतिहास गढ़ता है, वो कलाकार नहीं — सृजनकर्ता होता है।"
  • "मिट्टी में आत्मा डालना, यही तो शिल्प है।"
  • "एक शिल्पकार का नाम भले न हो, पर उसका काम हमेशा बोलता है।"

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