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फ्रेडरिक डगलस

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फ्रेडरिक डगलस (१८७९ ई० में)

फ्रेडरिक डगलस (Frederick Douglass ; 1818 ई० – 20 फरवरी 1895) अमेरिका के वक्ता, लेखक, सम्पादक, समाजसुधारक, नारी-अधिकारों के समर्थक तथा अमेरिकी गृहयुद्ध के समय के राजनयिक थे। वे मैरीलैण्ड में गुलाम के रूप में जन्मे थे।

  • बिना संघर्ष के कोई प्रगति नहीं होती।
  • यदि कोई शक्ति नहीं है, तो कोई प्रगति नहीं है।
  • मजबूत बच्चों का निर्माण करना, टूटे हुए पुरुषों की मरम्मत करने से कहीं अधिक आसान है।
  • ज्ञान व्यक्ति को गुलाम बनने के लिए अयोग्य बना देता है।
  • जहाँ न्याय का खंडन किया जाता है, जहाँ गरीबी थोपी जाती है, जहाँ अज्ञानता बनी रहती है, और जहाँ किसी भी एक वर्ग को यह महसूस कराया जाता है कि समाज उनके विरुद्ध एक संगठित साजिश है, वहां न तो व्यक्ति सुरक्षित रहेगा और न ही संपत्ति।
  • एक बार जब आप पढ़ना सीख जाते हैं, तो आप हमेशा के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे।
  • मैं भगवान से प्रार्थना करता रहा, लेकिन जब तक मैंने अपने पैरों से प्रार्थना (भागने की कोशिश) नहीं की, तब तक मुझे कोई जवाब नहीं मिला।
  • स्वतंत्रता का अर्थ है जिम्मेदारी। इसीलिए ज्यादातर लोग इससे डरते हैं।
  • सच्चाई वह अधिकार है जो सभी को मिलना चाहिए।
  • अन्याय के साथ समझौता करना उसके आगे घुटने टेकने जैसा है।
  • मैं उस व्यक्ति के साथ जुड़ूंगा जो सही है, और उस व्यक्ति से अलग हो जाऊंगा जो गलत है।
  • गुलाम वह नहीं है जो जंजीरों में है, बल्कि वह है जो अपनी जंजीरों से प्यार करने लगता है।
  • दमनकारी कभी भी स्वेच्छा से स्वतंत्रता नहीं देता; इसे पीड़ित द्वारा मांगा जाना चाहिए।
  • जो लोग स्वतंत्रता के पक्ष में हैं लेकिन आंदोलन (Agitation) का तिरस्कार करते हैं, वे उन लोगों की तरह हैं जो बिना हल चलाए फसल चाहते हैं।
  • ईमानदारी ही एकमात्र ऐसी नीति है जिससे समाज का कल्याण संभव है।
  • अपने भाग्य को स्वयं नियंत्रित करें, अन्यथा कोई और इसे करेगा।
  • प्रार्थना केवल तभी काम करती है जब आपके हाथ और पैर भी सक्रिय हों।
  • जुल्म की सीमाएं उन लोगों के धैर्य से निर्धारित होती हैं जिन पर जुल्म किया जा रहा है।
  • अधिकार की कोई जाति नहीं होती, सत्य का कोई रंग नहीं होता।
  • एक अकेला ईमानदार व्यक्ति पूरी भीड़ से अधिक शक्तिशाली होता है।
  • मैंने कभी भी किसी को इतना नीच नहीं पाया कि वह अपनी स्वतंत्रता को किसी दूसरे के हाथों में सौंप दे।
  • शिक्षा का अर्थ केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण है।
  • शक्ति बिना मांग के कुछ भी नहीं देती। इसने कभी नहीं दिया और न ही कभी देगी।
  • एक गुलाम का सबसे बड़ा दुश्मन उसका अपना डर होता है।
  • मूर्खता और अन्याय साथ-साथ चलते हैं।
  • स्वतंत्रता का मार्ग कठिन है, लेकिन यह एकमात्र मार्ग है जो गरिमा की ओर ले जाता है।
  • एक सच्चा नेता वह है जो अपने पीछे और भी नेता पैदा करे।
  • यदि आपको चुप कराया जा रहा है, तो इसका मतलब है कि आपकी आवाज में ताकत है।
  • मानव अधिकार केवल कुछ लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए हैं।
  • इतिहास गवाह है कि परिवर्तन हमेशा संघर्ष की कोख से पैदा होता है।