ओनोरे द बाल्ज़ाक
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ओनोरे द बाल्ज़ाक (Honoré de Balzac ; 20 मई 1799 – 18 अगस्त 1850) फ्रान्स के एक उपन्यासकार थे। फ्लाउबर्ट (Flaubert) के साथ इनको यूरोपीय साहित्य में यथार्थवाद (realism) का जनक माना जाता है।
उद्धरण
[सम्पादित करें]- हमारी सबसे बड़ी विपत्तियाँ प्रायः घटित ही नहीं होतीं; अधिकांश दुःख हमारी आशंकाओं में ही जन्म लेते हैं।
- समस्त सुख साहस और परिश्रम पर निर्भर करता है।
- महान इच्छाशक्ति के बिना महान प्रतिभा जैसी कोई वस्तु नहीं होती।
- मनुष्य जितना अधिक निर्णय करता है, उतना ही कम प्रेम करता है।
- हृदय एक खज़ाना है; यदि उसकी सारी संपदा एक साथ उँडेल दी जाए, तो दिवालियापन निश्चित है।
- शक्ति बार-बार या ज़ोर से प्रहार करने में नहीं, बल्कि सही समय पर सही प्रहार करने में प्रकट होती है।
- प्रेम इंद्रियों की कविता है।
- समानता संभव है कि एक अधिकार हो, पर संसार की कोई शक्ति उसे पूर्णतः वास्तविकता नहीं बना सकती।
- प्रेमी होना पति होना जितना कठिन नहीं होता।
- माँ का सुख एक प्रकाशस्तंभ के समान होता है, जो जीवन भर मार्ग दिखाता रहता है।
- अंतरात्मा हमारा अचूक न्यायाधीश है।
- शिष्टाचार किसी राष्ट्र का सुसंस्कृत पाखंड होता है।
- धन भी समय की तरह अपने ही बच्चों को निगल जाता है।
- साझा दुःख से अधिक कोई वस्तु मित्रता को सुदृढ़ नहीं बनाती।
- वे कार्य जिन्हें हम करना चाहते थे और न कर सके, जीवन भर हमें पीड़ा देते रहते हैं।
- जब मैं कॉफ़ी पीता हूँ, विचार सेना की तरह कूच करने लगते हैं।
- प्रत्येक महान संपत्ति के पीछे कोई न कोई बड़ा अपराध छिपा होता है।
- एकांत अच्छा है, पर उसे साझा करने वाला कोई होना आवश्यक है।
- आनंद की गहराइयों में उतरने पर मोतियों से अधिक कंकड़ हाथ आते हैं।
- महान सत्यों और शाश्वत नियमों की उपस्थिति में जीना ही वास्तविक जीवन है।