उत्तर-आधुनिकतावाद
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उत्तर-आधुनिकतावाद (Postmodernism) २०वीं सदी के उत्तरार्ध का एक बौद्धिक आंदोलन है जो दर्शन, कला और आलोचना के क्षेत्र में वस्तुनिष्ठ सत्य, सार्वभौमिक नैतिकता और निश्चित अर्थों के प्रति संदेह व्यक्त करता है।
उद्धरण
[सम्पादित करें]- सरलतम रूप में, मैं उत्तर-आधुनिकतावाद को 'महा-आख्यानों' (Grand Narratives) के प्रति अविश्वास के रूप में परिभाषित करता हूँ।
- उत्तर-आधुनिकतावाद का अर्थ है—निश्चितता का अंत।
- अब कोई मूल (original) नहीं बचा है, केवल प्रतियों की प्रतियाँ (simulacra) बची हैं; वास्तविकता अब छवियों के पीछे छिप गई है।
- सत्य एक भ्रम है जिसे हम भूल चुके हैं कि वह एक भ्रम है।
- — फ्रेडरिक नीत्शे (उत्तर-आधुनिकता के अग्रदूत के रूप में)
- लेखक की मृत्यु ही पाठक का जन्म है। (उत्तर-आधुनिकतावादी पाठ विश्लेषण पर)
- उत्तर-आधुनिकतावाद कोई नई विचारधारा नहीं, बल्कि आधुनिकता के भीतर ही एक दरार है।
- पाठ (text) के बाहर कुछ भी नहीं है। (विखंडनवाद के संदर्भ में)
- ज्ञान शक्ति है, और शक्ति ही ज्ञान का निर्माण करती है।
- उत्तर-आधुनिकतावाद ने हमें सिखाया है कि इतिहास कोई सीधी रेखा नहीं, बल्कि अनेक कहानियों का कोलाज है।
- सब कुछ संदर्भ पर निर्भर करता है; कोई भी सत्य सार्वभौमिक नहीं है।
- उत्तर-आधुनिकतावाद एक ऐसी वास्तुकला है जो पुरानी शैलियों का मजाक भी उड़ाती है और उनका आनंद भी लेती है।
- हमारे समय में, सौंदर्य ही सत्य है, लेकिन वह सौंदर्य अब विज्ञापनों और बाज़ार द्वारा तय होता है।
- उत्तर-आधुनिकतावाद में अर्थ स्थिर नहीं होता, वह निरंतर बदलता रहता है।
- वास्तविकता अब केवल एक टीवी स्क्रीन या इंटरनेट फीड तक सीमित होकर रह गई है।
- विखंडन (Deconstruction) का अर्थ विनाश नहीं, बल्कि संरचना को गहराई से समझना है।
- उत्तर-आधुनिक दुनिया में, 'पहचान' स्थिर नहीं है; यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
- आधुनिकता ने हमें उत्तर दिए थे, उत्तर-आधुनिकतावाद ने हमें केवल प्रश्न दिए हैं।
- — अज्ञात