अल बिरूनी
दिखावट
अल-बिरूनी एक विद्वान था जिसने भारत की संस्कृति, धर्म, विज्ञान एवं दर्शन पर बहुत कुछ लिखा है। वह भारत की यात्रा पर भी आया था।
उद्धरण
[सम्पादित करें]दार्शनिक और सांस्कृतिक विचार
[सम्पादित करें]- मूर्खता एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है। -- (किताब-उल-हिंद)
- सत्य बोलना एक मानवीय गुण है, और जो सत्य से प्रेम करता है, वह वास्तव में विद्वान है।
- भारतीयों का मानना है कि उनके देश जैसा कोई देश नहीं है, उनके राष्ट्र जैसा कोई राष्ट्र नहीं है, उनके राजा जैसा कोई राजा नहीं है, और उनके विज्ञान जैसा कोई विज्ञान नहीं है।
- अज्ञानता ही सभी बुराइयों की जड़ है, और ज्ञान ही एकमात्र मुक्ति है।
ज्ञान और विज्ञान पर
[सम्पादित करें]- विज्ञान का उद्देश्य सत्य की खोज करना है, न कि केवल पुरानी मान्यताओं को दोहराना।
- विद्वान वह है जो अपनी सीमाओं को जानता है और निरंतर सीखने का प्रयास करता है।
- प्रकृति के नियम अटल हैं, और गणित वह भाषा है जिसमें ईश्वर ने ब्रह्मांड लिखा है।
भारत और हिंदू धर्म पर
[सम्पादित करें]- हिंदू दार्शनिकों के अनुसार, ईश्वर एक है, शाश्वत है, बिना शुरुआत और अंत के है, अपनी क्रियाओं में स्वतंत्र है, सर्वशक्तिमान है, और सर्वज्ञ है।
- विदेशी और स्थानीय लोगों के बीच की दूरी भाषा और धर्म के कारण होती है, लेकिन ज्ञान इन बाधाओं को तोड़ सकता है।