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अभिजीत बनर्जी

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अभिजीत बनर्जी

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अभिजीत विनायक बनर्जी (जन्म: 21 फरवरी 1961) एक भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री, लेखक और शिक्षाविद् हैं। उन्हें **2019 का नोबेल पुरस्कार** उनके सहकर्मियों एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर के साथ **वैश्विक गरीबी उन्मूलन** पर उनके शोध के लिए मिला।

वे MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं और उन्होंने गरीबों की अर्थव्यवस्था, शिक्षा नीति और सरकारी कार्यक्रमों के प्रभाव पर व्यावहारिक और साक्ष्य-आधारित शोध किए हैं।

प्रमुख उद्धरण

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  • "गरीबी को समझने के लिए आँकड़ों से ज़्यादा ज़रूरी है इंसानों को समझना।"
  • "पैसे की समस्या नहीं है, समस्या है कि हम उसे कहाँ और कैसे लगाते हैं।"
  • "नीतियाँ तभी सफल होंगी जब वे ज़मीन पर रहने वाले लोगों की वास्तविक ज़रूरतों को समझें।"
  • "हमारे फैसलों को डेटा और साक्ष्य के आधार पर ही बनना चाहिए, न कि भावनाओं और धारणाओं पर।"
  • "शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ़ सर्टिफिकेट पाना नहीं, बल्कि सोचने की क्षमता पैदा करना है।"
  • "ग़रीबी एक जटिल समस्या है — इसका समाधान सरल सोच से नहीं होगा।"

जीवन दर्शन

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अभिजीत बनर्जी का मानना है कि **अर्थशास्त्र केवल ग्राफ़ और समीकरण नहीं**, बल्कि **मानव जीवन की बारीकियाँ** समझने का विज्ञान है। उन्होंने अकादमिक रिसर्च को ज़मीनी नीतियों से जोड़ने का प्रयास किया है। उनका कार्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा अपनाया गया है।

प्रमुख पुस्तकें

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  • **Poor Economics** (ग़रीबों की अर्थव्यवस्था को समझने वाली वैश्विक बेस्टसेलर)
  • **Good Economics for Hard Times** (समकालीन नीतियों पर विश्लेषण)
  • *What the Economy Needs Now* (भारतीय संदर्भ पर आधारित नीतिगत लेखन)

पुरस्कार व सम्मान

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  • 2019 – **नोबेल पुरस्कार** (अर्थशास्त्र)
  • फाइनेंशियल टाइम्स द्वारा “Top Global Thinkers” में शामिल
  • कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा मानद उपाधियाँ
  • Poor Economics (Banerjee & Duflo, MIT Press)
  • Nobel Prize Lecture (Stockholm, 2019)
  • TED Talks & Policy Dialogues (World Bank, IMF)
  • The Print, The Hindu, और Indian Express में साक्षात्कार

बाहरी कड़ियाँ

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