प्रेमचंद

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

<< मुख्य पृष्ठ

प्रेमचंद

मै एक मजदूर हूँ । जिस दिन कुछ लिख न लूँ , उस दिन मुझे रोटी खाने का कोई हक नहीं।

वैयक्तिक औज़ार